खबर पक्की, 23 अक्टूबर, रतलाम। राज्य शासन के निर्देशानुसार रतलाम जिले में भी शुद्धिकरण पखवाड़े के तहत राजस्व रिकार्ड में सुधार का कार्य किया जा रहा है। पहली बार आमजन को अपने राजस्व रिकार्ड में सुधार के लिए आवेदन नहीं देना पड़ रहा है बल्कि राजस्व अमला स्वयं अग्रसर होकर रिकॉर्ड शुद्धि का कार्य कर रहा है। शुद्धिकरण पखवाड़े की समीक्षा कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम द्वारा शनिवार को आयोजित बैठक में की गई जिसमें अपर कलेक्टर एम.एल.आर्य, एसडीएम अभिषेक गहलोत, डिप्टी कलेक्टर सुश्री कृतिका भीमावद, तहसीलदारगण उपस्थित थे।
शुद्धिकरण पखवाड़े में लंबित नामांतरण प्रकरणों का शत-प्रतिशत निपटारा किया जाएगा। फौती नामांतरण कार्य किया जा रहा है। आमजन के लिए नक्शे सुधार किए जा रहे हैं। इस पखवाड़े में अल्फान्यूमैरिक खसरा नक्शा, तरमीम, भूमि प्रकार, भूमि स्वामी प्रकार संशोधन, भूमि स्वामी नाम सुधार आदि कार्य किए जाएंगे। कलेक्टर द्वारा बैठक में समीक्षा के दौरान पाया गया कि ऑफलाइन कार्य होने के बाद भी पोर्टल पर ऑनलाइन शो नहीं हो रहा, इस संबंध में कलेक्टर द्वारा सीएलआर को पत्र पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर द्वारा सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया कि जिले में उर्वरक की कहीं कोई कमी नहीं रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही टॉप 20 यूरिया बायर्स का सत्यापन करने के निर्देश दिए। सत्यापन कार्य आगामी 30 अक्टूबर तक पूर्ण किया जाना है, इसके लिए टीम बनाने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि आज की स्थिति में जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। लघु सिंचाई संगणना में तहसीलदारों द्वारा कार्य नहीं किए जाने पर कलेक्टर द्वारा सख्त नाराजगी व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों पर पेंट करने के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा कार्य किया जाएगा।

