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रतलाम के विकास के लिए जब भी जरूरत पड़ेगी, तब पूरा सहयोग दुंगा : महामहिम राज्यपाल श्री गेहलोत, – नगर की 25 से अधिक संस्थाओं द्वारा श्री गेहलोत का सार्वजनिक अभिनंदन

BySurendra Jain

Sep 30, 2021

खबर पक्की, 30 सितंबर, रतलाम। जीवन में जो भी दायित्व मिले, उसे पुरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वाह किया जाता है, तो तरक्की अवश्य मिलती है। रतलाम में मेरा जो सम्मान हुआ है, उससे मुझे प्रेरणा मिली है कि और अच्छा काम करता रहुं। मैं स्वयं को रतलाम जिले का ऋणी मानता हॅूं। जिले के विकास के लिए जो भी जरूरी होगा, उसमें पुरा सहयोग करूंगा।
यह उदगार कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने व्यक्त किए। श्री गेहलोत का जेएमडी पैलेस में नगर की 25 से अधिक संस्थाओं ने महामहिम राज्यपाल माननीय श्री थावरचंद गेहलोत अभिनंदन समारोह समिति द्वारा आयोजित समारोह में शॉल-श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह आदि भेंट कर सार्वजनिक अभिनंदन किया। समारोह में सांसद गुमानसिंह डामोर, समिति अध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप, विधायक, डॉ. राजेन्द्र पांडेय दिलीप मकवाना, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिह लुनेरा एवं स्वागताध्यक्ष पद्मश्री डॉ. लीला जोशी तथा पूर्व विधायक जितेंद्रसिंह गेहलोत मंचासीन रहे।
महामहिम राज्यपाल श्री गेहलोत ने अपने बचपन से लेकर राजनीतिक जीवन एवं उच्चतम स्तर पर सेवा के अवसर प्राप्त होने के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि उन्हें जो भी दायित्व मिला, उसे उन्होंने पुरी कर्तव्य निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाया। इससे वे लगातार आगे बढ़ते गए। श्री गेहलोत ने कहा कि देश और दुनिया में आज पर्यावरण, आतंकवाद एवं कोरोना महामारी जैसी कई समस्याएं है, वहीं असमानता का वातावरण बढ़ रहा है। इन सबसे उबरने के लिए समरसता की महती आवश्यकता है। इस दौर में पुरा विश्व भारत से अपेक्षा कर रहा है, क्योंकि हमारे ऋषि-मुनियों ने ‘वासुदेव कुटुम्बकमÓ, ‘सर्वे भवन्तु सुखिन, सर्वे संतु निरामयाÓ, ‘जियो औ जीने दोÓ तथा ‘अहिंसा परमो धर्मÓ जैसे प्रेरक उपदेश दिए है।
समिति अध्यक्ष एवं विधायक श्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने समरसता का जो भाव दिया था, उसे भारत की मूल भावना के रूप में महामहिम राज्यपाल श्री गेहलोत ने साकार किया है।
सांसद गुमानसिंह डामोर ने कहा कि यह पहला अवसर है, कि हम हमारी मिट्टी के लाल को राज्यपाल के रूप में देख रहे है।
पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी ने कहा कि श्री गेहलोत का राज्यपाल बनना रतलाम ही नहीं पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। वे मजदूर राजनीति से शुरूआत कर शुन्य से शिखर तक पहुंचे है।
जावरा विधायक डा. राजेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि जीवन में सभी कुछ ना कुछ करने प्रयास करते है, लेकिन ऐसे लोग विरले ही होते है, जो कुछ प्राप्त करते है। ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना ने कहा कि महामंत्री राज्यपाल के पद को सुशोभित करने वाले श्री गेहलोत का जीवन प्रेरणादायी है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा ने कहा कि पार्टी के जिलाध्यक्ष से लेकर विधायक, मंत्री, सांसद, केन्द्रीय मंत्री और अब राज्यपाल बनकर श्री गेहलोत ने पूरे अंचल का गौरव बढ़ाया है। आरंभ में स्वागत भाषण स्वागताध्यक्ष पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने दिया।
इस अवसर पर मानव सेवा समिति द्वारा अध्यक्ष मोहन मुरलीवाला, भारतीय जनता पार्टी द्वारा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, भारतीय मजदूर संघ ने अध्यक्ष चन्द्रशेखर शर्मा, श्री सनातन धर्मसभा ने अध्यक्ष कन्हैयालाल मौर्य, सकल जैन श्रीसंघ द्वारा प्रकाश मूणत, सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा पं. नरेंद्र जोशी, मयुर पुरोहित, आदित्य डागा, कृष्ण कुमार सोनी, करण धीर्य बडग़ोत्या ने श्री गेहलोत का अभिनंदन किया। महामहिम राज्यपाल माननीय श्री थावरचंद गेहलोत अभिनंदन समारोह समिति के अभिनंदन पत्र का वाचन डा. मुरलीधर चांदनीवाला ने किया। अध्यक्ष चेतन्य कुमार काश्यप, स्वागताध्यक्ष पद्मश्री डा. लीला जोशी, सदस्य टेम्पटन अंकलेसरिया, डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला, प्रमोद कुमार व्यास, माधव काकानी, राजेन्द्रसिंह लुनेरा, शैलेन्द्र डागा, बजरंग पुरोहित, प्रेम उपाध्याय, निर्मल लुनिया, मुकेश जैन, केदार अग्रवाल, गुरनामसिंह डंग, डॉ. विपिन माहेश्वरी, राजेश जैन, अभय शर्मा, विनोद मूणत, मनोज झालानी, सुरेन्द्र चत्तर, प्रेम एन. वासन आदि ने श्री गेहलोत का अभिनंदन किया। संचालन आशीष दशोत्तर ने किया। आभार समिति सदस्य निर्मल लुनिया ने माना।

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