खबर पक्की, 2 अगस्त, रतलाम। जैन समाज के महापर्व पर्युषण आगामी 3 सितंबर से प्रारंभ हो रहे है जो 11 सितम्बर तक चलेंगे। इस दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय एवं एनीमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया ने एडवाइजरी जारी करते हुए पूरे भारत में पशु वध एवं मांस विक्रय प्रतिबंधित किया है।
ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन (आईजा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक जी हुंडिया मार्गदर्शक पवन नाहर के निर्देशानुसार प्रदेशाध्यक्ष राजकुमार हरण, संरक्षक अभय सुराणा, कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, कार्यकरणी सदस्य देवेन्द्र धारीवाल, इसके साथ ही अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच युवा शाखा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी निलेश बाफना एवं रतलाम शाखा के श्री विपिन श्रीमाल विशेष रूप से उपस्थित थे। कलेक्टर कुमार परूषोत्तम को निवेदन सौंपते हुए उक्त आदेशों की कॉपी संलग्न कर उसके परिपालन में जिले मे आसपास के क्षेत्रों में पूर्णतया पशु वध एवं मांस विक्रय पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अहिंसा के अवतार श्रमण भगवान महावीर स्वामी सभी जीवों के प्रति दया व करुणा भाव रखते थे एवं उनके द्वारा अहिंसा को परम धर्म बताया गया है, पर्युषण पर्व अहिंसात्मक आस्था रूप समस्त जीवों को अभयदान देने के लिये प्रसिद्ध है इसलिए इन पावन दिनों में किसी भी प्रकार की हिंसा के लिये कोई स्थान नही है अतः श्रीमान इन पावन दिनों के लिये आदेश जारी कर जिले की सीमा में पशु वध एवं मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाए।
पर्युषण पर्व पर पशु वध व मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाने हेतु आईजा ने कलेक्टर को सौंपा निवेदन
