रतलाम। रतलाम शहर में अपराधों की रोकथाम और यातायात नियंत्रण के लिए जल्द ही 35 चुनींदा स्थानों पर क्लोज सर्किट कैमरे लगेंगे। इसके लिए रतलाम पुलिस को पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 11 करोड़ रूपए मिले है। चौराहों पर लगने वाले डोम कैमरे मूवेबल होंगे और दूर तक की पिच्चर कैप्चर कर सकेंगे। पुलिस नियंत्रण कक्ष से ही टेलिविजन के माध्यम से पुलिस अधिकारी इनकी मदद से शहर पर निगरानी रख सकेंगे। इसके अलावा भविष्य में इन्हीं कैमरों की मदद से यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई की जा सकेगी।
गुरूवार को एसपी अमित सिंह ने कैमरा लगाने वाले एक्सपर्ट की टीम के साथ शहर के प्रमुख स्थानों का मुआयना किया। रतलाम में कैमरे लगाने का जिम्मा हनीवल ऑटोनैशन इंडिया कंपनी को दिया गया है। एसपी अमित सिंह के अनुसार कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और इंजिनियर्स की टीम रतलाम आई थी। सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य जल्द शुरु होने जा रहा है और जनवरी तक पूरा शहर सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा। शहर में लगाएं जाने वाले सीसीटीवी कैमरे तीन प्रकार के होंगे, जिसमें फिक्स कैमरा होगा। तो वहीं एएनपीआर कैमरे जो कि सिर्फ वाहनों के नंबर पर ही फोकस करेगा। इसके साथ तीसरा पीटीजेड कैमरा होगा, जो उस स्थान में लगातार चारों तरफ घूमता रहेगा और हर गतिविधियों को कैद करेगा। शहर में 127 स्टेटिक कैमरे ,30 घुमने वाले , तथा 8 कैमरे नम्बर प्लेट डिटेक्ट करने के लिए ,इस तरह कुल 160 से अधिक केमरो से शहर की निगरानी होगी। पुलिस के अनुसार शासन द्वारा प्रथम चरण में मध्यप्रदेश के 7 जिलों का चयन करते हुए उन जिलों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं गए हैं। लेकिन द्वितीय चरण में फिर से 11 जिलों का चयन किया गया। इसमें रतलाम शहर भी शामिल है।
एसपी अमित सिंह का कहना है कि शहर के 35 स्थानों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगने से अपराधियों को पकडऩे में मदद मिलेगी और बढ़ते अपराधों पर अंकुश लग सकेगा। दरअसल हर क्षेत्र में लगे कैमरे में अपराधी एवं संदेही कैद होंगे। जिनकी पहचान करते हुए उन्हें आसानी से पकड़ा जाएगा। जनवरी तक कैमरे काम शुरु कर देगें। कैमरे की मानिटरिंग और कंट्रोलिंग के लिए पुलिस लाइन में दो करोड़ की लागत से कंट्रोल रुम भी बनाया जा रहा है। कैमरे उन स्थानों को ध्यान में रखकर लगाए जा रहे है जो साम्प्रदायिक रुप से संवेदनशील है, या जहां ज्यादा वाहन चोरी, लड़ाई झगड़े, छेड़छाड़ जैसी घटनाएं होती है।
