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कोरोना तो काबू में आ गया अब रतलाम के व्यापार को लगे संक्रमण को दूर करने की जरूरत

BySurendra Jain

Jun 11, 2021

खबर पक्की: 11 जून रतलाम, कोराना तो अब लगभग काबू में है लेकिन पिछले 2 माह से लगे लॉक डाउन ने व्यापार धंधा उद्योगों जो संक्रमण लगाया है और जो नुकसान किया है उससे उबरने में अभी बहुत वक्त लगने वाला है अभी भी बहुत सारी बंदिशे लगी हुई है जिसके कारण बहुत सारे व्यापार अभी भी पटरी से उतरे हुए है। सदा आबाद रहने वाली दो बत्ती की चौपाटी अभी भी वीरान है क्योंकि खड़े रहकर खाने की अनुमति नहीं है और पार्सल बना कर घर ले जाओ तो उस आइटम का सारा टेस्ट खत्म हो जाता है। इसी प्रकार सैलून वालों को खोलने की तो अनुमति मिल गई पर 10:00 बजे जब सैलून खोलता है तो ग्राहक के दर्शन उसको शाम तक नहीं हो पाता क्योंकि कटिंग सेविंग का काम अमूमन सुबह के समय ही लोग करवाते हैं ब्यूटी पार्लर पर अभी भी ताला लगे हुए हैं इसी तरह नाश्ते की होटल भी 10 बजे खोलने का आदेश है 10 बजे होटल खोलेगा तो साडे 11:12 बजे तक नाश्ता तैयार होगा जबकि सुबह 10:00 बजे तक तो पूरा रतलाम नाश्ता कर लेता है कल प्रशासन ने पान की दुकानों को बंद करवाया जिससे पान वाले सब नाराज है उनको लग रहा है कि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है इसी प्रकार ऑटो में सिर्फ दो सवारी बिठाने का आदेश है अब 104 रुपया लीटर का पेट्रोल भरवा कर दो सवारी में ऑटो कितना महंगा पड़ेगा यह प्रशासन को कौन समझाए। लॉकडाउन के बहुत सारे नियमों में अलग-अलग वर्ग के दुकानदारों को अलग-अलग तरह की परेशानियां है जब तक उन तबके के लोगों को बुलाकर उनकी परेशानियां समझ कर उनका व्यावहारिक हल नहीं ढूंढा जाता व्यापार के लगे संक्रमण से मुक्ति नहीं मिल सकती जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के आला अधिकारियों को यह समझना होगा जनता सब नियम कायदे मानने को तैयार है लेकिन जो समस्या है उनका व्यवहारिक हल ढूंढना होगा अन्यथा जनता की सब्र का पैमाना छलकने लगा तो सभी के लिए समस्याएं पैदा होगी।

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