खबर पक्की: 9 मई इंदौर/ रतलाम, माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इन्दौर व्दारा पश्चिम रेलवे रतलाम मण्डल में सेवारत डिप्टी सीटीआई व्दारकेश अय्यर को बलात्कार, अपहरण के मामले में अग्रिम जमानत का लाभ दिया गया है। माननीय उच्च न्यायालय व्दारा आदेश में उल्लेख किया गया है कि डिप्टी सीटीआई को गिरफ्तार किए जाने की स्थिति में गिरफ्तार नहीं किया जावे और अग्रिम जमानत पर रिहा कर दिया जावे।
पश्चिम रेलवे रतलाम मण्डल में सेवारत डिप्टी सीटीआई व्दारकेश अय्यर की ओर से एडवोकेट गौरव पांचाल व्दारा प्रस्तुत जमानत आवेदन में निवेदन किया गया था कि थाना स्टेशन रोड़ रतलाम पर मुम्ब्रा निवासी एक युवती 32 वर्षीय महिला व्दारा दिनांक 23.02.2021 को इस आशय का लिखित आवेदन दिया गया कि वह मुम्बई की रहने वाली है और माह फरवरी 2018 में जावरा हुसैन टैकरी दर्शन के लिए आई थी। उसी समय व्दारकेश अय्यर उसे रतलाम रेलवे स्टेशन पर मिला और दोनों में जान-पहचान हो गई और फोन पर बातचीत शुरु हुई। फरियादी ने उस समय व्दारकेश अय्यर को बताया कि वह तलाकशुदा है और उसके 6 और 8 वर्ष के दो बच्चे हैं, इस पर व्दारकेश अय्यर ने उससे कहा कि कोई बात नहीं है और वह उससे शादी करना चाहता है, जिस पर फरियादी राजी हो गई और उसने व्दारकेश अय्यर से कहा कि वह उससे कोर्ट मैरिज करे। इसके बाद व्दारकेश अय्यर फरियादी को कई बार उसके निवास स्थान पर ले गया और उसे कई दिनों तक वहां रखा और उसकी इच्छा के विरुध्द शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाए और अप्राकृतिक सम्बन्ध भी बनाए। व्दारकेश अय्यर ने जुलाई 2019 में मुम्बई के हास्पिटल में उसका गर्भपात भी करवाया गया और कहता रहा कि वह उससे विधिवत कोर्ट मैरिज कर लेगा लेकिन व्दारकेश अय्यर ने उससे कोर्ट मैरिज नहीं की। इसके पश्चात व्दारकेश अय्यर ने फरियादी को मंदिर ले जाकर भगवान को साक्षी मानकर कहा कि आज से वह फरियादी का पति है। दिनांक 20.12.2020 को व्दारकेश अय्यर उसे अपने साथ उसके निवास स्थान पर ले गया और जबरन शारीरिक सम्बन्ध बनाए और रात में उसे अपने घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद वह अगले दिन स्वाद रेस्टोरेन्ट, दो बत्ती पर रुकी थी और इसके बाद व्दारकेश अय्यर ने उसे ट्रेन में बैठाकर मुम्बई भेज दिया और कहा कि घटना के बारे में किसी से मत कहना नहीं तो जान से खत्म कर दूंगा।उक्त महिला दिए गए आवेदन के आधार पर थाना स्टेशन रोड़ रतलाम व्दारा दिनांक 23.02.2021 को ही व्दारकेश अय्यर के विरुध्द शून्य पर धारा 376 (2) एन, 366, 506 भादवि का अपराध दर्ज किया गया और उक्त एफआईआर में उल्लेखित घटनाक्रम थाना जीआरपी रतलाम के क्षेत्र का होने असल कायमी हेतु उक्त एफआईआर थाना जीआरपी रतलाम पर भेज दी गई। इसके पश्चात थाना जीआरपी रतलाम व्दारा दिनांक 25.02.2021 को असल अपराध दर्ज कर व्दारकेश अय्यर को गिरफ्तार करने के प्रयास शुरु कर दिए गए। फरियादी व्दारा उक्त एफआईआर में उल्लेखित घटनाक्रम 01.05.2018 से 20.12.2020 तक की अवधि की बताया गया है जबकि करीब ढाई साल की अवधि के पश्चात एफआईआर दर्ज किए जाने में हुए विलम्ब का कोई कारण एफआईआर में नहीं बताया गया है। फरियादी व्दारा दर्ज करवाई गई एफआईआर में घटनास्थल व्दारकेश अय्यर का क्वार्टर नम्बर 1037 ब, न्यू रेलवे कालोनी, रोड़ नम्बर 5 बताया गया है जबकि उक्त रेलवे क्वार्टर व्दारकेश अय्यर के नाम पर आवंटित नहीं किया गया है और वहां अन्य रेलकर्मी निवास करता है। फरियादी व्दारा उक्त एफआईआर दर्ज करवाते समय अपना वास्तविक नाम और परिचय छुपाया गया है। वास्तविकता अनुसार फरियादी तलाकशुदा महिला नहीं होकर विवाहित महिला है और उसकी दो पुत्रियां भी हैं और वह अपने पति के साथ ही निवास करती है। फरियादी और उसका पति आपराधिक प्रवृत्ति के होकर उनके विरुध्द महाराष्ट्र में आपराधिक प्रकरण लम्बित है।फरियादी व्दारा उसके साथ अन्तिम बार घटित घटनाक्रम दिनांक 20.12.2020 को होना बताया गया है जबकि फरियादी दिनांक 20.12.2020 को रतलाम में नहीं होकर मुम्बई में ही थी। फरियादी व्दारा दिनांक 23.02.2021 को सर्वप्रथम थाना जीआरपी रतलाम पर हाजिर होकर एक आवेदन पत्र दिया गया था जिसमें बताया गया था कि – व्दारकेश अय्यर व्दारा उससे साथ दिनांक 21.12.2020 को दो बत्ती स्थित स्वाद होटल के कमरा नम्बर 102 पूरे दिन और रात में रेप किया गया। इस आवेदन पर थाना जीआरपी व्दारा फरियादी के कथन भी लिए गए जिसमें उसके व्दारा यही घटना बताई गई थी। इसके पश्चात थाना जीआरपी रतलाम व्दारा घटनास्थल स्वाद होटल थाना स्टेशन रोड़ रतलाम का होने से यह आवेदन मय कथन थाना स्टेशन रोड़ रतलाम पर आगामी कार्यवाही के लिए भेज दिया गया परन्तु थाना स्टेशन रोड़ पर फरियादी एक नया आवेदन पत्र किया जिसमें घटनास्थल रेलवे क्वार्टर क्रमांक 1037 (ब) न्यू रेलवे कालोनी, रोड़ नम्बर 5 दर्शाकर व घटना दिनांक 21.12.2020 को परिवर्तित कर 20.12.2020 कर दिया गया और नया घटनाक्रम बनाकर उसके आधार पर शून्य पर कायमी कर प्रकरण थाना जीआरपी भेज दिया गया। फरियादी व्दारा व्दारकेश अय्यर , जो कि बॉस्केटबाल का राष्ट्रीय खिलाड़ी है और पश्चिम रेलवे में डिप्टी सीटीआई के पद पर कार्यरत होकर केन्द्रीय कर्मचारी है, से मित्रता का नाटक कर उसे ब्लेकमेल किया गया और माह मार्च 2020 तक उससे करीब 27 लाख रुपये की धनराशि ली गई। वर्ष 2018 में व्दारकेश अय्यर व्दारा उसे रुपये नहीं देने पर उसके व्दारा व्दारकेश अय्यर के विरुध्द शिकायत दिनांक 14.11.2018 को पुलिस थाना जीआरपी व रेल अधिकारियों को की गई थी, जिसमें सम्पूर्ण घटनाक्रम मुम्बई का बताया गया था और यह भी बताया गया कि व्दारकेश अय्यर व्दारा उससे शादी कर ली गई है। इस शिकायत आवेदन पर थाना जीआरपी व्दारा दिनांक 19.11.2018 को व्दारकेश अय्यर के विरुध्द धारा 496,354,506,354 डी,363,498,497 भादवि का अपराध शून्य पर दर्ज किया गया और उसे असल कायमी के लिए मुम्ब्रा थाना महाराष्ट्र भेज दिया गया, जहां पर व्दारकेश अय्यर के विरुध्द असल अपराध उक्त धाराओं में पंजीबध्द कर लिया गया और व्दारकेश अय्यर को दिनांक 19.01.2019 को जमानत पर रिहा कर दिया गया। उपरोक्त प्रकरण में व्दारकेश अय्यर को जमानत पर रिहा कर दिए जाने के बाद फरियादी व्दारा व्दारकेश अय्यर से लाखों रुपये लेकर उसे कहा गया कि उसकी बड़ी बहन महाराष्ट्र पुलिस में बड़े पद पर कार्यरत है, के सहयोग से वह व्दारकेश अय्यर के विरुध्द विचाराधीन यह केस मुम्ब्रा थाना से ही खत्म करवा देगी और उसे मुम्ब्रा थाना या ठाणे न्यायालय नहीं आना होगा। इसके पश्चात फरियादी व्दारा थाना मुम्ब्रा से व्दारकेश अय्यर के विरुध्द विचाराधीन उक्त प्रकरण का खात्मा करवा दिया गया लेकिन उसे जानबूझकर षडयंत्र करते हुए सम्बन्धित माननीय न्यायालय के समक्ष थाना मुम्ब्रा से प्रस्तुत नहीं करवाया गया। फरियादी की मंशा यही रही कि वह व्दारकेश अय्यर से रुपये वसूलती रहेगी और जिस दिन व्दारकेश अय्यर रुपये देना बंद कर देगा या आनाकानी करेगा उस दिन वह उक्त मामले को सम्बन्धित न्यायालय में मुम्ब्रा थाना से प्रस्तुत करवाकर उसमें आपत्ति कर दोबारा केस शुरु कर देगी। फरियादी व्दारकेश अय्यर को दोबारा रेप केस में फंसाने, पुराना केस दोबारा चालू करवाने के नाम पर ब्लेकमेल करती रही और उसे डरा-धमकाकर करीब 27 लाख रुपये ले चुकी है, यह राशि फरियादी व्दारा स्वयँ तथा अपने षडयंत्रकारी साथियों के अकाउंट में व्दारकेश अय्यर से ट्रांसफर करवाई गई। इतनी बड़ी धनराशि को चुकाने के लिए व्दारकेश अय्यर व्दारा बैंकों से ऋण लिया गया और अपने परिवार से रुपयों का इंतजाम कर फरियादी को दिए गए। जैसे ही व्दारकेश अय्यर फरियादी को रुपये देना बंद कर देता या किसी भी तरह की टालमटूल रुपये न होने के सम्बन्ध में करता वैसे ही फरियादी उसे नए रेप केस में फंसाने और पुराना केस दोबारा खुलवाने की धमकी देती और उसे ब्लेकमेल करती रहती। वर्ष 2018 से दिसम्बर 2020 तक फरियादी व्दारा व्दारकेश अय्यर को ब्लेकमेल किया गया और उससे एक बड़ी धनराशि लेती रही लेकिन अंतत: व्दारकेश अय्यर व्दारा फरियादी से परेशान होकर दिनांक 20.12.2020 को डीजीपी साहब, म.प्र. पुलिस भोपाल, आई.जी.साहब, उज्जैन व जीआरपी एसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों को सम्पूर्ण मामले की लिखित शिकायत कर दी गई। उक्त शिकायत कर दिए जाने की जानकारी होते ही फरियादी दिनांक 21.12.2020 को रतलाम आई और सीधे व्दारकेश अय्यर के घर पहुंची, जहां उसके व्दारा व्दारकेश अय्यर को धमकाया गया और कहने लगी कि तेरा फोन क्यूं बंद है, इसलिए मुझे रतलाम आना पड़ा, मुझे आज पांच लाख रुपये चाहिए नहीं तो मैं तुझे बर्बाद कर दूंगी, इस पर व्दारकेश अय्यर व्दारा फरियादी को कहा गया कि वह अब उसे एक भी रुपया नहीं देगा तो वह व्दारकेश अय्यर के साथ हाथापाई कर गालीगलोज करने लगी। इसके बाद फरियादी व्दारकेश अय्यर को धमकाते हुए गई कि वह उसे छोडऩे वाली नहीं है और वह तभी तक बचेगा जब तक वह उसे रुपये देते रहेगा, नहीं तो फरियादी व्दारकेश अय्यर को जेल में सड़वा देगी और उसकी नौकरी भी ले लेगी। इस घटना की शिकायत व्दारकेश अय्यर व्दारा दिनांक 21.12.2020 को डीजीपी, म.प्र. पुलिस भोपाल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को की गई। फरियादी व्दारा मुम्बई जाने के बाद थाना मुम्ब्रा महाराष्ट्र पर अपनी बहन जो कि महाराष्ट्र पुलिस सेवा में है, के साथ जाकर व्दारकेश अय्यर के विरुध्द खात्मा किए जा चुके प्रकरण को दोबारा खुलवाने के लिए ठाणे न्यायालय में सम्बन्धित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करवाया गया, जहां से फरियादी को माननीय न्यायालय व्दारा नोटिस जारी किया गया। इस नोटिस पर फरियादी ठाणे न्यायालय में उपस्थित हुई और उसके व्दारा वहां बताया गया कि उसे प्रकरण का खात्मा मन्जूर नहीं है। फरियादी और उसके षडयंत्रकारी साथियों व पुलिसकर्मी बहन व्दारा थाना कालवा (महाराष्ट्र) में धारा 420 भादवि का एक अन्य अपराध 03.02.2021 को थाना व्दारकेश अय्यर के विरुध्द दर्ज करवाया जिसमें व्दारकेश अय्यर व्दारा उसके साथ 20.12.2020 को बलात्कार किए जाने का उल्लेख ही नहीं है। व्दारकेश अय्यर पर बलात्कार का झूठा अपराध दर्ज करवाए जाने के पश्चात फरियादी व्दारा स्थानीय समाचारपत्रों के कार्यालयों में जाकर व्दारकेश अय्यर की फोटो उन्हें दी गई और उक्त झूठी एफआईआर में उल्लेखित घटनाक्रम को प्रमुखता से समाचारपत्रों में प्रकाशित करवाया गया। यही नहीं फरियादी व्दारा उक्त समाचार पत्रों में व्दारकेश अय्यर के विरुध्द प्रकाशित समाचार की प्रति को मोबाइल से व्दारकेश अय्यर के परिजनों के मोबाइल पर मुम्बई से तमिलनाडु भेजा गया और उसे बदनाम किया गया। फरियादी जो कि विभिन्न स्थानों पर स्वयँ को मानव अधिकार संगठन, नई दिल्ली की जनसम्पर्क अधिकारी बताती है और उक्त संगठन व्दारा उसे जारी किया गया परिचय पत्र दिखाकर व्दारकेश अय्यर के विरुध्द झूठी एफआईआर दर्ज करवा देती है। व्दारकेश अय्यर की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों व तर्कों के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय व्दारा उन्हें अग्रिम जमानत का लाभ देते हुए आदेश दिया कि यदि उन्हें उक्त अपराध में गिरफ्तार किया जाता है तो तत्काल अग्रिम पर रिहा कर दिया जावे।
रेलवे के अतिरिक्त मुख्य टिकिट निरीक्षक को बलात्कार के मामले में अग्रिम जमानत फरियादी 2700000 रुपए वसूल चुकी थी आरोपी से
