खबर पक्की: 7 अप्रैल रतलाम, हर दिल अजीज जिंदादिल सतबीर सिंह वाधवा को कोरोना ने हमसे छीन लिया वाधवा जी के पेट्रोल पंप पर जिला प्रशासन द्वारा बगैर मास्क के कार्य किए जाने पर ₹5000 का फाइन 10 ,15 दिन पहले किया गया था। उनका पुत्र भी बगैर मास्क के पेट्रोल पंप कार्य संचालन करता पाया गया था क्योंकि पुत्र नौजवान होकर उसका इम्यून सिस्टम ताकतवर होने से कोरोना ने उस पर इतना इफेक्ट नहीं किया लेकिन उनके पिताजी सतबीर सिंह वाधवा उम्रदराज होने से अपनी संतान के कारण ही कोरोना से इफेक्टेड हो गए और कोरोना उनके लिए जानलेवा सिद्ध हुआ पता चला है कि उनका पुत्र भी कोरोना से प्रभावित होकर इंदौर में इलाज करवा रहा है अतः आप सतबीर सिंह वाधवा की असामयिक मृत्यु से सीख ले सकते हैं कि दैनंदिन जीवन में कोरोना से बचाव के लिए मास्क कितना जरूरी है अगर उनके पुत्र ने मास्क का उपयोग किया होता तो वह उनके पिताजी को कोरोना संक्रमण से बचा सकता था और आज परिवार को इस दुखद मृत्यु का सामना नहीं करना पड़ता जिला प्रशासन का ₹5000 का फाइन होने के उपरांत भी फिर खबर आई थी कि रिलायंस पंप पर बगैर मास्क के पैट्रोल फिलिंग की जा रही है अतः इस घटना से सबक लेकर जानलेवा कोरोना के बचाव का एकमात्र उपाय मास्क ही है अगर उनके परिवार में और कर्मचारियों ने नियमों का पालन किया होता और मास्क धारण किया होता तो आज वाधवा जी हमारे बीच होते।
