खबर पक्की : 3 अप्रैल रतलाम, लगता है रतलाम मेडिकल कॉलेज का वर्तमान स्टाफ जिसमें डीन शशि गांधी और रतलाम के कोविड-19 हेड डॉ गौरव बोरीवाल है राज्य सरकार और जिला प्रशासन को पूरी तरह फेल करने में जूटे है। रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के इलाज के बारे में जानकारी देने की तो बात छोड़िए उन मरीजों की स्थिति के बारे में जानकारी देने में भी जिस तरह की कोताही बरती जा रही है उससे तो यही लगता है। मैं स्वयं खबर पक्की संपादक और पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने एक मरीज विजय कुमार पंड्या 121 शक्तिनगर रतलाम के बारे में उनके परिजनों के चिंतित होने पर मुझसे संपर्क करने पर जब डॉ गौरव बोरीवाल को फोन पर और मैसेज कर दिनांक 2 अप्रैल को 4:37 मिनट 5: 57 मिनट 6: 18 मिनट पर मैसेज किए और जानकारी मांगी गई किंतु कोई जानकारी नहीं दी गई उसके बाद 3 अप्रैल को 3:28 मिनट और 3:29 4:48 पर मैसेज किए व फोन पर जानकारी मांगी किंतु जानकारी नहीं दी गई उन्होंने कहा कि आप 1075 से जानकारी ले ले वहां पर फोन लगाया तो उन्होंने रतलाम मेडिकल कॉलेज का नंबर 2844 33 और 28 4 455 दिया गया इस पर फोन लगाने पर फोन लगातार नो रिप्लाई हुआ इसी प्रकार इस संदर्भ में मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ शशि गांधी को भी आज 3 अप्रैल को 4:12 मिनट 4:13 मिनट 4:44 मिनट वह 5:18 मिनट पर मैसेज कर कोरोना पेशेंट विजय पंड्या की स्थिति के बारे में जानकारी चाही गई इस प्रकार 5 मैसेज मेडिकल कॉलेज की डीन को किए गए व 6 मैसेज मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 हेड डॉक्टर गौरव बोरीवाल को किए गए किंतु किसी प्रकार से इनके द्वारा मैसेज को गंभीरता से ना लेते हुए कोई जवाब नहीं दिया गया आप सोच समझ सकते हो की एक जिम्मेदार पत्रकार के सवालों का मेडिकल कॉलेज के इन जिम्मेदारों द्वारा जवाब नहीं दिया जाता है तो फिर आम लोगो और आम पेशेंट और उनके परिजनों के साथ क्या सलूक किया जा रहा होगा रतलाम मेडिकल कॉलेज और रतलाम शहर की साख को मिट्टी में मिलाने वाले इन जिम्मेदारों पर राज्य सरकार क्या कार्रवाई करेगी।रतलाम विधायक रतलाम सांसद और कलेक्टर महोदय और रतलाम संभाग आयुक्त को रतलाम मेडिकल कॉलेज के इन नालायक और गैर जिम्मेदार अधिकारियों के बारे में तुरंत निर्णय लेना चाहिए नहीं तो जवाब नहीं देने की इनकी आदत से जनता और पत्रकारों का ज्वालामुखी फट पड़ा तो उसकी चपेट में सभी आएंगे इसलिए समय रहते सचेत हो जाना चाहिए।
