खबर पक्की 27 मार्च,रतलाम। शहर फेल रहा चिकित्सा के नाम पर मेडिकल कॉलेज निश्चित सराहनीय है 1977 से इस पर आंदोलन हुए और सौगात मिली पर मात्र एक बड़ी बिल्डिंग और शाशन का करोड़ो रुपये का व्यय मात्र दिखावा न बन जाए कई दिनों से मेडिकल कॉलेज को लेकर प्रश्न उठ रहे आज क्या वहाँ पर्याप्त स्टाफ है पर्याप्त सुविधा है आज भी वेंटिलेटर की कमी से लोग परेशान हैं, सिटी स्कैन की मांग लगभग 5वर्षों से हॉस्पिटल के लिए की जाती रही है मरीजो के परिजनों को संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीँ मिलता एक पूछताछ केंद्र 24 घंटे के लिए वहाँ आवश्यक है जिससे परिजन की जानकारी मिल सके जिन्हें बाहर रेफर करना हो उसकी तत्काल समुचित व्यवस्था हो और संसाधन से भेजा जा सके
उक्त सारी बातों पर शाशन का ध्यान आकर्षित करते हुए रेडक्रॉस के पूर्व चैयरमेन महेन्द्र गादिया ने कहा कि रेडक्रॉस द्वारा प्रदेश की पहली कार्डिक एम्बुलेंस रतलाम में सभी के प्रयासों से लाए थे जो आज आवश्यक बन गई उसका भी उपयोग रोगियों को बाहर भेजने व कम शुल्क में भेजने का प्रावधान था उसे भी निरन्तर बाहर भेजने के उपयोग में लाया जाना चाहिए, दूसरी एम्बुलेंस रेडक्रॉस की 3से4 थी शाशन के उपयोग में भी आ रही थी लेकिन संसाधनों का अभावहै सारीसुविधा प्राइवेट व्यवस्था के भरोसे है साथ ही पर्याप्त दवाई इन्जेक्शन भीप्राइवेट लेना पड़ रहे आज रेडक्रॉस की सोनोग्राफी सेंटर भी बंद पड़ा जबकि44000 रोगियों की जांच मात्र200 रुपये में कीगई आज बंद है ,ऐसे ही ब्लड बैंक के लिए sdp मशीन व कंपोनेंट मशीन का भी कई बार लिख चुके है ये सारी सुविधाएं मुहैया नही होती तो इतनी बड़ी बिल्डिंग का उपयोग नही होगा जो मशीन थी वह इंदौर भेज दी गई जिला चिकित्सालय की बिल्डिंगें आज भी ध्वस्त पड़ी है ,सामाजिक संस्थाओं को दर किनार कर दिया गया समितिया भंग कर दी गई कम से कम सेवा को सेवा के मंदिर के रूप में रहने दिया जाए अभी दो तीन दिनों से निरंतर मृत्यु भी होरही है
उक्त सारी बाते माननीय मुख्यमंत्री जी व स्वास्थ्य मंत्री और राज्यपाल महोदय तक भेजी जाएगी आज fax मुख्यमंत्री महो को भेजा है कि मेडिकल कॉलेज को सही स्वरुप प्रदान करे
ताकि असहाय जनता की भावना पहुचे सिर्फ होड़ में नामवरी न हो कर सेवा भाव बने
चिकित्सा सुविधा महज औपचारिकता नही हो जाए-महेन्द्र गादिया
