खबर पक्की : रतलाम 3 मार्च, रतलाम शहर के नए प्रस्तावित मास्टर प्लान में जिस तरह से जमीनों को बगैर नियोजित विकास और दूरदृष्टि के आवासी किया गया वह शहर के जागरूक लोगों को हजम नहीं हो पा रहा है। बताया जाता है कि इस प्रस्तावित मास्टर प्लान के विरुद्ध अभी तक डेढ़ सौ से ज्यादा आपत्ति और सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। मास्टर प्लान को लेकर जनता व राजनीतिक कार्यकर्ताओं में तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर है एक वरिष्ठ राजनेता ने तो कहा कि अब टिचुक टिचुक का युग गया अब ट्वेंटी-20 का जमाना है हर बॉल पर छक्का पड़ता है। मास्टर प्लान में एक बात और उल्लेखनिय है के बरसों से ट्रांसपोर्ट नगर के लिए साला खेड़ी के आगे जमीन आरक्षित है उस पर आज तक कोई कार्य नहीं हुआ किंतु सेजावता में एक और नया ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित करके निजी जमीन आरक्षित कर दी गई और बाकी सारे सर्वे नंबरों को आवासी घोषित कर दिया गया आवासीय क्षेत्र के पास ट्रांसपोर्ट नगर का औचित्य समझ में नहीं आता जबकि आप अट्ठारह सौ हेक्टेयर के क्षेत्र में निवेश क्षेत्र बना रहे हैं तो ट्रांसपोर्ट नगर उधर ही बनना चाहिए क्योंकि जहां उद्योग लगेंगे ट्रांसपोर्ट नगर की आवश्यकता वही होगी इसी प्रकार भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए नए अस्पताल नए स्कूल नए खेल मैदानों और अन्य सरकारी प्रयोजनों के लिए जमीनों का कोई आरक्षण नहीं किया गया है।
