खबर पक्की, 23 दिसंबर, रतलाम। वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के अध्यक्ष शरीफ खान पठान ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान की केंद्र सरकार रेलवे सहित अन्य केंद्रीय उपक्रमों को जो की लाभ में चल रहे है उनका निजीकरण करने व उन्हें बेचने पर अमादा है। 21 ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार को इस संबंध में ध्यान आकर्षित किया है कि केंद्रीय उपकरण व रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाए। वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियों के चलते रेलवे व अन्य केंद्रीय उपकरणों में भय व्याप्त है। इनमें काम करने वाले कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित हो चुका है। देश की समस्त ट्रेड यूनियनें व्यापक आंदोलन करने के लिए शीघ्र ही एक बैठक आयोजित करने वाली है।
शरीफ खान ने पत्रकारों को बताया कि कोरोना काल में केवल रेलवे के 30 हजार से अधिक कर्मचारी संक्रमित हुए है तथा 300 से अधिक रेल कर्मचारियों की कोरोना के कारण मृत्यु हुई है। कोरोनावारियर्स को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी। रेलवे कर्मचारी जो कोरोना में मारे गए है उन कर्मचारियों को भी इसका लाभ दिया जाए। कोरोनाकाल में रेलकर्मचारियों ने सतत रेल संचालन किया है।
श्री खान ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में महंगाई भत्ते जो सरकार ने रोक रखे है वे दिए जाए, साथ ही पुरानी पेंशन योजना का पुन: लागू किया जाए। सरकार ने कहा था कि रेलवे का निजीकरण नहीं किया जाएगा, लेकिन सरकार ने रेलवे का निजीकरण करना शुरू कर दिया है। 109 से अधिक रेलगाडिय़ां निजीकरण में दी गई है। कई प्लेटफार्म भी निजीकरण में दिए गए है। पूंजीपति लोगों से भारी शुल्क वसूल कर रहे है। तेजस्व गाड़ी जो निजीकरण में दी गई थी उसका अधिक किराया होने के कारण वह बंद कर दी गई। कम किराये में रेलवे लोगों को अधिक सुविधा देता था, निजीकरण होने के कारण लोगों की जेब पर अधिक प्रभाव पड़ेगा, जबकि निजी व्यक्ति रेल संपत्ति का उपयोग करेंगे। पूंजीपतियों ने सरकार से मांग की है कि रेलगाड़ी का किराया निर्धारित करने का अधिकार भी उन्हें दिया जाए। यदि यह अधिकार दे दिया जाता है तो निजी रेलगाड़ी में किराया बहुत बड़ जाएगा और आम आदमी की पहुंच से बाहर रेल यात्रा हो जाएगी।
श्री खान ने कहा कि केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीति और रेलवे के निजीकरण व केंद्रीय उपकरणों को बेचने के खिलाफ 21 ट्रेड यूनियन की बैठक में आगामी आंदोलन की भूमिका तय की जाएगी।
सरकार की गलत नीतियों से रेलवे व केंद्रीय उपकरणों में भय का वातावरण – खान
