खबर पक्की, 12 सितंबर, रतलाम। मध्यप्रदेश शासन के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी को पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने पत्र लिखकर बताया कि रतलाम के शासकीय मेडिकल कॉलेज को प्रारंभ हुए 3 वर्ष हो चुके हैं। नियमानुसार तीसरे वर्ष में मेडिकल कालेज परिसर में चिकित्सालय प्रारंभ हो जाना चाहिए। साथ ही नियम अनुसार 750 बिस्तरों का अस्पताल भी प्रारंभ होना है। राज्य सरकार ने इसके लिए आवश्यकता अनुसार कर्मचारियों – स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं अन्य मेडिकल संबंधित स्टाफ के साथ साथ मेडिकल उपकरणों को क्रय करने के लिए शासन ने स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। परंतु अभी तक ना तो नियुक्तियां हो रही है और ना ही कोई सामग्री क्रय की गई है। निश्चित रूप से चिकित्सालय को चालू करने में बाधाएं आएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कॉलेज के उद्घाटन के अवसर पर यह घोषणा की थी कि यह चिकित्सालय सुपर स्पेशलिटी वाला होगा। इसमें सभी प्रकार की अत्याधुनिक मशीनें व उपकरण स्थापित किए जाएंगे परंतु अभी तक आधुनिक मशीनें व उपकरण मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं है और अभी खरीदने में भी तत्परता नहीं दिखाई दे रही है। यहां तक कि कोरोना महामारी के चलते मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन और वेंटीलेटर की आवश्यकता भी लग रही है वह भी उपलब्ध नहीं है सीटी स्कैन के लिए मरीजों को मेडिकल कॉलेज से बाहर जाना पड़ रहा है जिस कारण मरीजों को तकलीफ हो रही है, आपसे अनुरोध है कि कोविड सेंटर में कम से कम 10 वेंटीलेटर और एक सिटी स्कैन की मशीन तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराने के आदेश प्रदान करें।
श्री कोठारी ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र में बताया है कि 100 बिस्तरों का कोविड अस्पताल भी भविष्य के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज में बनाया जाना अतिआवश्यक है। श्री कोठारी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान में कोरोना के बढ़ते सक्रमण और मरीजों की संख्या को देखते हुए उपचार के लिए और अधिक चिकित्सा सुविधा का विस्तार तत्काल शासकीय मेडिकल कॉलेज में किया जाए मेडिकल कॉलेज में जो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं उनकी सेवाएं भी कोविड सेंटर में ली जाए।
स्वास्थ्य मंत्री से यह भी आग्रह है कि जो शासकीय कोविड सेंटर है उनकी वीडियो कांफ्रेंसिंग करें वहां पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करें एवं जो कमियां हैं उन्हें तत्काल सुधारने का निर्देश प्रदान करने का कष्ट करें। जिससे इस महामारी में हो रही अनियमितता दूर हो सके।
मेडिकल कॉलेज में संसाधनों एवं व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व गृहमंत्री ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र
