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राजस्व अधिकारी वसूली पर ध्यान दें, प्रत्येक भूमि उपयोग परिवर्तन पर कर शुल्क वसूली द्वारा राजस्व आय में वृद्धि करें, कलेक्टर श्री डाड ने बैठक लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश

BySurendra Jain

Sep 8, 2020

खबर पक्की, ८ सितंबर, रतलाम। राजस्व वसूली प्रत्येक राजस्व अधिकारी का मूल कार्य है, अपने लक्ष्य अनुसार वसूली पर ध्यान दें। जिले में प्रत्येक भूमि उपयोग परिवर्तन पर कर शुल्क वसूली करें जिससे शासन की राजस्व आय में वृद्धि हो सकेगी। यह निर्देश कलेक्टर गोपालचंद्र डाड ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े सहित जिले के राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारी प्रकरणों को लंबित नहीं रखें, अपने निर्णय का विश्लेषण करे। आपका निर्णय आमजन के हित में हो, प्रत्येक जानकारी रिकॉर्ड में समाविष्ट की जाए।
जिले में १३ करोड की राजस्व वसूली का लक्ष्य
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले भर के राजस्व अधिकारियों के लिए कुल १३ करोड़ की राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित निर्धारित किया गया है जो चालू राजस्व वर्ष में की जाना है। रतलाम शहर तहसीलदार को ६ करोड़ रुपए राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया है। जावरा तहसीलदार को ४ करोड़ रुपए तथा रतलाम ग्रामीण तहसीलदार के लिए १ करोड़ रुपए लक्ष्य निर्धारित है। इसके अलावा अन्य स्थानों के तहसीलदारों को भी ५० लाख, २५ लाख रूपए वसूली लक्ष्य दिए गए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए की राजस्व अधिकारी वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए जुट जाएं, इस कार्य में कोताही नहीं बरतें। वास्तविक राजस्व अधिकारी वही होता है जो लक्ष्य अनुसार वसूली कार्य शत-प्रतिशत कर लेता है।
प्रमुख सचिव राजस्व के एजेंडे से अवगत कराया
बैठक में कलेक्टर ने प्रदेश के राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जारी एजेंडे से अवगत कराया। निर्देश दिए कि पूरे वर्ष प्रमुख सचिव द्वारा जारी एजेंडे एवं निर्देश अनुसार राजस्व अधिकारियों को कार्य करना है, राजस्व अधिकारी एजेंडे पर पूरे वर्ष भर कार्य करते रहें।
सीमांकन, नामांतरण बंटवारा प्रकरणों को त्वरित गति से निराकरण करें
कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि नामांतरण बंटवारा जैसे राजस्व कार्य सीधे किसानों से संबंधित होते हैं। इस प्रकार के प्रकरणों का त्वरित निराकरण किसान हित में किया जाए, साथ ही रिकॉर्ड भी अपडेट करते रहें।
प्रकरणों की तहसीलदारवार समीक्षा की
कलेक्टर ने बैठक में राजस्व प्रकरणों की तहसीलदारवार समीक्षा की। रतलाम शहर तहसीलदार के १ से २ वर्ष के ६५ प्रकरण लंबित पाए गए। इसके अलावा छह माह से १ वर्ष के १०० से अधिक प्रकरण निराकरण हेतु लंबित पाए गए। कलेक्टर द्वारा रतलाम शहर में प्रकरणों के निराकरण में देरी पर नाराजगी व्यक्त की गई। इसी प्रकार रावटी में २३ प्रकरण लंबित पाए गए। सैलाना में ५० प्रकरण, बिलपांक में ५४ प्रकरण निराकरण में देरी पाए जाने पर भी कलेक्टर ने सख्त नाराजगी व्यक्त की। इनमें सीमांकन के भी कई सारे प्रकरण सम्मिलित हैं। कलेक्टर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि सीमांकन जैसे मामलों में अधिकारी द्वारा देरी से निराकरण किया जाएगा तो उस अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। समीक्षा में पिपलोदा नायब तहसीलदार के ११ प्रकरण निराकरण से शेष पाए गए। नामली तहसीलदार के न्यायालय में भी ३ प्रकरण आदेश के लिए पेंडिंग पाए गए।
राजस्व अधिकारी सूचना तंत्र को मजबूत करें
कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारी मैदानी क्षेत्र में अपने सूचना तंत्र को मजबूत करें। प्रत्येक घटना की सूचना रियल टाइम में दी जाए। राजस्व अधिकारी अपने आंख, कान खुले रखें, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से व्यक्तिगत संपर्क बनाकर रखें जिससे वक्त पर सूचनाएं मिल सके।
फसल सर्वेक्षण की भी जानकारी ली
कलेक्टर द्वारा बैठक में अतिवृष्टि से प्रभावित एवं कीट व्याधिग्रस्त फसलों की भी जानकारी राजस्व अधिकारियों से ली गई। निर्देशित किया कि मात्र अतिवृष्टि ही नहीं बल्कि कीट व्याधि से होने वाले नुकसान की जानकारी भी दी जाए ताकि किसान को शासन से राहत मिल सके।
सीएम हेल्पलाइन में संतुष्टिपूर्वक समाधान करें
कलेक्टर ने बैठक में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारी आवेदकों के आवेदनों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें। आवेदक संतुष्ट हो, अपने पटवारियों को सक्रिय करें। सीएम हेल्पलाइन के मामले में तहसीलदार सुपरविजन का कार्य भी करें, ठीक से सुपरवाइजर नहीं करने पर तहसीलदार के विरुद्ध राजस्व एक्ट की धारा ३ के तहत अपराध बनता है जो कि दंडनीय है। सीएम हेल्पलाइन में रु१ पर यदि शिकायत अटेंड नहीं की गई तो संबंधित अधिकारी को शोज नोटिस जाएगा। यदि वह एसडीएम के अधीन है तो एसडीएम नोटिस देंगे। अगर एसडीएम द्वारा नोटिस नहीं दिया गया तो कलेक्टर द्वारा एसडीएम को नोटिस दिया जाएगा।
संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए
कलेक्टर ने बैठक में जिले के उन स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए जहां संबंधित राजस्व विभाग के अनुविभागीय अधिकारी की सीमा समाप्त होती है अथवा आरंभ होती है। इसी प्रकार किसी भी स्थान से नजदीकी अस्पताल की जानकारी देने वाले संकेतक बोर्ड भी लगाने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिए गए।

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