जोधपुर, एजेंसी। राजस्थान के जोधपुर स्थित उम्मेद अस्पताल में डाक्टर्स की लापरवाही का एक खौफनाक वाकया सामने आया है। ऑपरेशन थिएटर में प्रसूता महिला टेबल पर बेहोश थी, उसका पेट खुला पड़ा था और मरीज की परवाह किए बगैर दो डाक्टर्स आपस में झगड़ा करते रहे। यहीं नहीं ऑपरेशन थिएटर में मोबाइल फोन भी मौजूद था जिसमें यह पूरा वाकया रिकार्ड कर लिया गया जबकि आपरेशन थिएटर में मोबाइल फोन प्रतिबंधित रहता है। मामला सार्वजनिक होने के बाद दोनों ही डाक्टर्स को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
उम्मेद अस्पताल ऑपरेशन थियेटर की टेबल पर लेटी गर्भवति महिला के बच्चे की पेट में ही मौत हो गई थी, इसके बाद उसका ऑपरेशन किया जाना था। इस बीच थियेटर में गायनेकोलॉजिस्ट और एनेस्थेटिक किसी बात पर झगड़ने लगे। इस दौरान ऑपरेशन टेबल पर बेसुध लेटी महिला का पेट खुला था।
जानकारों की माने तो मृत शरीर के साथ गर्भवती का लंबे समय तक रहना बेहद खतरनाक होता है, लेकिन गायनी विभाग के डॉक्टर अशोक नेनीवाल और ऐनेस्थेटिक डॉ. एमएल टाक ही इस बात को भूल गए और आपस में काफी देर तक बहस करते रहे।
इस घटना के वायरल वीडियो से डॉक्टरों की कार्यशैली के साथ ही ऑपरेशन थियेटर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल जिस तरह से यह वीडिया बना, उससे साफ है कि ऑपरेशन थियेटर में भी खुलेआम मोबाइल ले जाया जा रहा है, जबकि मोबाइल इंफेक्शन और रेडीयेशन का बड़ा सोर्स माना जाता है। इस घटना को लेकर मचे बवाल के बीच अस्पताल के प्रिंसिपल एएल भट्ट ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर में झगड़ने वाले दोनों डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है।
