पुलिस सख्त हुई तो कई मामले फर्जी निकले
अहमदाबाद। हरियाणा, राजस्थान मध्यप्रदेश होते हुए महिलाओं की चोटियां काटे जाने की घटनाओं का सिलसिला गुजरात में भी शुरू हो गया है। गुजरात में 3 दिनों में ऐसे 18 मामले दर्ज किए गए गए, हालांकि गुजरात पुलिस की सख्ती के बाद खुलासा हुआ कि इनमें से कई प्रकरण फर्जी थे। 5 में तो यह खुलासा भी हो गया कि महिलाओं ने खुद ही या उनके किसी रिश्तेदार ने ही बाल काटे थे और बाद में झूठी कहानियां गढ़कर प्रकरण दर्ज करवा दिए गए। अब पुलिस इन लोगों के खिलाफ झूठी जानकारी देने और अफवाह फैलाने के आरोप में केस दर्ज कर रही है।
गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा चारों ही राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहले ही कह चुके है कि चोटियां काटे जाने के मामले अपराध से ज्यादा मनौवैज्ञानिक है। अफवाहों ने इनकों ओर अधिक बल दे दिया है। अफवाहों की आड़ में झूठी कहानियां गढ़ी जा रही है या आधा ही सच बताया जा रहा है। गुजरात पुलिस ने राजकोट, सूरत और गांधी नगर के 4 ऐसे मामलों में खुलासा किया है कि महिलाओं ने खुद या उनके रिश्तेदारों ने बाल काटे और बाद में बेहोश होने की कहानियां गढ़ दी गई। राजकोट पुलिस ने इन मामलों को सुलझाने के लिए एक एनजीओ की भी मदद ली थी। गुजरात सरकार के एक मंत्री के अनुसार ज्यादातर शिकायतें झूठी पाई गई है। गुजरात राज्य सरकार सीआईडी टीम से इन मामलों की जांच करवा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे चोटी काटे जाने के मामलों में अफवाहें न फैलाए।
