खबर पक्की: 4 अप्रैल रतलाम, रतलाम निवासी शेखर व्यास जो कि रेलवे में गार्ड के पद पर कार्यरत है ने बताया कि भारत सरकार द्वारा कोरोना जांच एवं अलर्ट हेतु जारी किए गए आरोग्य सेतु एप को जितने लोगों ने डाउनलोड किया है उसमें से मात्र दो प्रतिशत ने सेल्फ असेसमेंट किया है। जबकि 98% लोगों ने सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट नहीं किया है इससे आसपास के संभावित रोगियों की जानकारी पुलिस और प्रशासन के पास पहुंचने में मदद नहीं मिल पाएगी इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को सेल्फ एसेसमेंट test करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कल मालगाड़ी पर ड्यूटी के दौरान 260 किलोमीटर के मध्य अलग अलग जगह आरोग्य सेतु ऐप पर चेक करते हुए पाया कि — किसी भी जगह कुल ऐप डाउनलोड में से अधिकतम 2 % ने ही उस पर सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट किया उनके द्वारा पाए गए नतीजे उन्हीं की लेखनी में इस प्रकार है उनके अनुभव का लाभ आप भी ले सकते हैं। कल 3 अप्रैल को उन्होंने यह चेक किया था उन्हीं की जबानी पढ़िए
अभी इस समय मेरे निवास क्षेत्र के आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं —
500 मीटर में 1945 यूजर / टेस्ट 35 (1.79%)
1 km में 6351 / 110 (1.73%)
2 km में 21554 / 338 (1.56%)
5 kms में 38176 / 544 (1.42%)
10 kms में 40964 / 576 (1.4%)
मतलब साफ है कि आपने टेस्ट कर लिया तो वह खुद को ही अलर्ट करने के लिए है ।
नजदीकी आशंकित रोगी की जानकारी मिलने की संभावना ,जागरूकता के अभाव में ,न्यून ही है । शासकीय प्रयत्नों को सफल बनाएं ।
जितने डाउनलोड उतने ही सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट होंगे तो स्वास्थ्य रक्षा % बेहतर होगी ।
निवेदन= अगर आरोग्य सेतु ऐप —-
– डाउनलोड नहीं किया है तो अभी कीजिए ।
– कर लिया है तो सेल्फ एसेसमेंट सही जानकारी दे कर करें अपने और अपने परिवार की रक्षा के लिए ।
– ब्लू ट्रुथ सदैव ऑन रखें ताकि नजदीकी आशंकित रोगी की जानकारी मिल सके । घर में रहें ,स्वस्थ रहें , तन – दूरी बनाएं रखें , मन जोड़े रखें ।
