खबर पक्की: 16 अप्रैल रतलाम । देशभर में कोरोना की लड़ाई में सभी लोग अपनी यथाशक्ति अपना सहयोग दे रहे है इसमें चपरासी से लेकर देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी शामिल है ।आर्थिक सहयोग देने वालों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। कई बच्चे अपनी गुल्लक तोड़कर जमा राशि सरकार को दे रहें हैं वहीं कई मध्यमवर्गीय परिवार भी अपने सामर्थ्य अनुसार आर्थिक सहयोग कर रहे हैं। कोरोना संकट को लेकर देशभर कीअदालतें बंद हैं और मात्र आवश्यक मामलों के लिए आनलाइन सुनवाई की जा रही है, ऐसी स्थिति में सुप्रीम कोर्ट, देश के समस्त हाईकोर्ट व निचली अदालतों के समस्त मजिस्ट्रेट, जज, स्टाफ आदि को भी इस लड़ाई में अपना सहयोग देना चाहिए। इस हेतु समस्त न्यायालयीन अधिकारी, कर्मचारी, जज, मजिस्ट्रेट, विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायमूर्तिगणों, उच्चतम न्यायालयों के न्यायमूर्तिगणों को न्यायालय बंद रहने की अवधि का वेतन कोरोना संकट में दिया जाना चाहिए। खबर पक्की से चर्चा करते हुए अनेक अभिभाषक ने भी इस मुद्दे पर अपना समर्थन व्यक्त किया है की जब देश के हर क्षेत्र का व्यक्ति कोरोना के संकट में अपना योगदान दे रहा है तो न्याय क्षेत्र क्यों पीछे रहे।
अदालतों के बंद रहने की अवधि का वेतन जजों को कोरोना फंड में देना चाहिए
