खबर पक्की : रतलाम 28 अप्रैल, ऊपर का चित्र जो आप देख रहे हैं यह लॉ कॉलेज के पास स्थित रतलाम के जिला उद्योग केंद्र का चित्र है इसमें चैनल गेट पर ताला लगा हुआ है व अंदर कर्मचारी व अधिकारी बैठे हुए है। कोरोना रूपी विश्वव्यापी महामारी के बावजूद उद्योग विभाग के सरकारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में रत्ती भर भी परिवर्तन नहीं हुआ है। केंद्र और राज्य सरकार के आदेश उपरांत जिला प्रशासन ने नियम व शर्तों के अधीन उद्योगों को प्रारंभ करने की अनुमति देना प्रारंभ कर दिया है किंतु रतलाम जिला उद्योग विभाग को लगता है उद्योगो और उद्योगपतियों से कुछ लेना-देना नहीं है। उसे लेना देना है तो अपने निजी स्वार्थों से तभी अपनी मनमर्जी से उद्योगों को प्रारंभ करने की इजाजत दी जा रही है गिरती अर्थव्यवस्था और लंबे नुकसान से प्रभावित उद्योगों को प्रारंभ करना वैसे ही बहुत दुष्कर और दुरूह कार्य है बजाय उसमें सहायता और सहयोग करने के उद्योग विभाग द्वारा इन विषम परिस्थितियों में भी कुछ प्राप्ति की आशा लगाए रखना उनकी निकृष्ट मानसिकता का परिचायक है। अनेक उद्योगपतियों ने खबर पक्की को बताया कि उनके द्वारा उद्योग प्रारंभ करने के लिए आवेदन दिया गया है लेकिन चालू करने की परमिशन नहीं मिली है । उन्होंने बताया कि ना तो जिला उद्योग केंद्र के लैंडलाइन नंबर पर कोई फोन उठाता है ना ही जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक उद्योग पतियों के फोन अटेंड करते है। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर को चाहिए कि जिले के उद्योगों को जिंदा रखने के लिए जिला उद्योग केंद्र की कार्यप्रणाली की जांच करें और पूछे कि लंबित आवेदनों पर अभी तक परमिशन क्यों नहीं दी गई है। तो जिला कलेक्टर को सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
जिला उद्योग केंद्र बना भ्रष्टाचार का अड्डा उद्योगों को प्रारंभ करने में उद्योगपतियों को आ रहा है पसीना
जिला उद्योग केंद्र बना भ्रष्टाचार का अड्डा उद्योगों को प्रारंभ करने में उद्योगपतियों को आ रहा है पसीना
