खबर पक्की : 31 मार्च भोपाल,देखिए#MP के हेल्थ कमिश्नर कोराना महामारी को लेकर कितने गंभीर हैं..पहले तो समय से #ICMR से जांच लेब की अनुमति मांगी नहीं.. जब लोग मरने लगे तो उस #CHOKSI लैब मे भी जांच की अनुमति मांगी है जिसका #CORONA से कोई लेना-देना ही नहीं
जिस लैब में कोरोना तो दूर ब्लड शुगर हिमोग्लोबिन तक की जांच नहीं होती वहां यह कमिश्नर महोदय कोरोना की जांच करवाएंगे।
मध्य प्रदेश के हेल्थ कमिश्नर प्रतीक हजेला ने केंद्र को पत्र लिखकर कुछ निजी लैब में भी कोरोना जांच की अनुमति मांगी है। इस सूची में इंदौर की सेंट्रल लैब और बंसल हॉस्पिटल भोपाल की लैब का नाम शामिल है। एक तीसरा नाम इंदौर की इंजीनियरिंग लैब #चौकसी लैब का भी है।
चौकसी लैब के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर विशाल तिवारी बताते हैं कि यह एक इंडस्ट्रियल एनालिटिकल लेब है जिसका पैथोलॉजी जांच से कोई लेना-देना ही नहीं है.. ना ही ऐसी हमारी कोई योजना है ना हम ने आवेदन किया है। हमारे यहां तो दवाइयों की कंपोजीशन..मेटालर्जी, फूड एडल्टरेशन जैसी जांचे होती है.. देख लिया,अधिकारी हमारे स्वास्थ्य को लेकर कितने सजग है.?यह उसका उदाहरण है..है ना शर्मनाक!
इस बीच में एक सुखद खबर यह भी है कि प्रदेश में 5 और लैब को अनुमति मिली है जहां जांच हो सकेगी। इंदौर की निजी लैब को भी तत्काल अनुमति दी जानी चाहिए। इन सब की पड़ताल करती खास खबर
