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फोरलेन पर दंपति से डकैती करने वाले सात दोषियों को 10-10 साल की सजा, दो वर्ष पुराने बहुचर्चित मामले में कोर्ट का फैसला, पीडि़त दंपति को जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये प्रतिकर देने के निर्देश

BySurendra Jain

Aug 4, 2026

खबर पक्की, 4 अगस्त, रतलाम। महू-नीमच फोरलेन पर दंपति के साथ मारपीट कर डकैती करने के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही न्यायालय ने जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये पीडि़त दंपति को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश भी दिया है।
सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने यह फैसला सुनाया। दोषी ठहराए गए आरोपी राकेश चन्द्रवंशी (24), विकास उर्फ विक्की चौहान (22), दिलीप परमार (27), संजय चौहान (24), वीरेन्द्र परमार (24), रवि परमार (24) और विक्रम बोडाना (30) सभी ग्राम कल्याणपुरा, थाना भाटपचलाना, जिला उज्जैन के निवासी हैं।
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 26 जून 2024 की रात करीब 11 बजे फरियादी अनिल उपाध्याय अपनी पत्नी सरिता उपाध्याय के साथ बाइक से बालाजी हनुमान मंदिर दर्शन के बाद महू-नीमच फोरलेन पर घूमने गए थे। मांगरोल फंटे से लौटते समय नोबल स्कूल के आगे दो मोटरसाइकिलों पर आए आरोपियों ने उनकी बाइक को रोक लिया, जिससे दोनों सड़क पर गिर गए।
इसके बाद आरोपियों ने दंपति के साथ डंडों, पत्थरों और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की तथा उन्हें खेत में घसीट ले गए। विरोध करने पर दोनों को गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने सरिता के सोने-चांदी के आभूषण, मंगलसूत्र, टॉप्स, नाक की बाली, पायजेब सहित अन्य जेवर तथा अनिल के पास से एंड्रॉयड मोबाइल, पर्स, 20 हजार रुपये नकद, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस की प्रति और एटीएम कार्ड लूट लिए। जाते समय आरोपियों ने चाकू होने की धमकी देते हुए किसी को घटना बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपी उनकी बाइक भी ले गए और बाद में पुलिया के नीचे छोडऩे की बात कहकर फरार हो गए।
घटना के बाद घायल दंपति पैदल पास के पेट्रोल पंप पहुंचे, जहां कर्मचारियों की मदद से डायल-100 को सूचना दी गई। इलाज के बाद अगले दिन सालाखेड़ी चौकी पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।
मुखबिर की सूचना से खुला मामला
जांच के दौरान सालाखेड़ी चौकी प्रभारी मुकेश यादव ने मुखबिर की सूचना पर 23 जुलाई 2024 को आरोपी राकेश को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर अन्य छह आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के आधार पर लूटा गया सामान आरोपियों के कब्जे से बरामद किया गया।
जेल में आयोजित पहचान परेड में फरियादी अनिल उपाध्याय ने सभी आरोपियों की पहचान की। बाद में न्यायालय में भी अनिल और उनकी पत्नी सरिता ने आरोपियों को घटना में शामिल होने की पुष्टि की। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर न्यायालय ने सभी सातों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कारावास और 40-40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।सजा सुनाए जाने के समय सभी आरोपी जमानत पर थे। न्यायालय के आदेश के बाद सभी को पुन: जेल भेज दिया गया।

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