भोपाल। मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता पुरुषेंद्र कौरव को एक बार फिर प्रदेश का महाधिवक्ता नियुक्त किया है। बता दें कि इससे पहले भी शिवराज सिंह चौहान की सरकार के समय में पुरुषेंद्र कौरव को प्रदेश का महाधिवक्ता के तौर पर नियुक्ति दी गई थी।
पहले भी मिली थी महाधिवक्ता की जिम्मेदारी
पुरुषेंद्र कौरव को साल 2017 में भी प्रदेश के महाधिवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस समय भी शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने तत्कालीन एजी रवीश अग्रवाल का इस्तीफा मंजूर करने के बाद कौरव का दिल्ली से वापस बुलाकर यह जिम्मा दिया था। उस समय कौरव ने प्रदेश के 15वें एजी के तौर पर कार्यभार संभाला था। वह सबसे कम उम्र (41 वर्ष) के महाधिवक्ता बने थे।
अतिरिक्त महाधिवक्ता भी रहे हैं कौरव
गौरतलब है कि साल 2009 में कौरव उप महाधिवक्ता के पद पर पदस्थ हुए और वर्ष 2012 से अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर कार्यरत रहे। उप महाधिवक्ता और अतिरिक्त महाधिवक्ता के पद पर रहते हुए उन्होंने डीमेट सहित व्यापमं के बहुचर्चित मामलों में मप्र शासन की ओर से पैरवी की थी।
इसके बाद प्रदेश सरकार ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में राज्य से संबंधित मामलों की पैरवी के लिए दिल्ली भेज दिया था। परंतु साल 2017 में महाधिवक्ता के पद से रवीश अग्रवाल के इस्तीफा देने के बाद वापस बुला लिया था।
शिवराज सरकार का फैसला, पुरुषेंद्र कौरव को फिर बनाया प्रदेश का महाधिवक्ता
