रतलाम। लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष दिलीपसिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों की हालत काफी खराब है। अतिवृष्टि के कारण फसलें बर्बाद हुई है। केन्द्रीय अध्ययन दल ने 2285.88 करोड़ रुपये का अनुदान देने की अनुशंसा केन्द्र से की थी। लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा 1 हजार करोड़ रुपये की ही राशि प्राप्त हुई है। प्रदेश के 22 सांसदों ने लोकसभा में इस संबंध में बात नहीं उठाई है। इसी प्रकार नील गाय सहित जंगली जानवरों द्वारा भी फसलें बर्बाद की जा रही है। पूर्ववृतीय सरकार ने भी किसानों की ओर ध्यान नहीं किया। किसानों की कर्जमाफी के मामले में कमलनाथ सरकार भी किसानों के साथ न्याय नहीं कर पाई है।
मिली झुली सरकार
दिलीपसिंह ने कहा कि मिली झुली सरकारों का चलन प्रारंभ हो गया है। लोकतांत्रिक जनता दल को मजबूत प्रदान करने के लिए प्रदेश भर का दौरा किया जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रदेश में भी लोकातांत्रिक जनता दल सत्ता की भागीदारी का दावा कर सकता है। मीडिया ने सदैव विपक्ष की बात की है। लेकिन वर्तमान समय में मीडिया विपक्ष के समाचारों को प्राथमिकता नहीं दे रहा है। इसके कारण आमजनता तक सही बात नहीं पहुंच पा रही है।
शिक्षा का राष्ट्रीयकरण हो
स्वास्थ्य और शिक्षा दो ऐसे मुद्दे है जो आम जनता से जुड़े हुए है। जेएनयू के छात्रों का आंदोलन देश के समस्त छात्रों का आंदोलन है। देश में शिक्षा का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए। ताकि सभी लोगों को समुचित रुप से शिक्षा प्राप्त हो सकें। यहीं बात स्वास्थ्य के संबंध में भी होना चाहिए।
पंचायत स्तर पर गौशाला खुले
प्रदेश में 2322 ग्र्राम पंचायतें है, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने काजी हाउस व गौशाला खोलने की बात कहीं है। यदि ग्र्रामीण पंचायत स्तर पर गौशालाएं खुल जाती है तो आवारा पशुओं की समस्या हल हो जाएगी और फसलें भी पशुओं के कारण नष्ट नहीं होगी।
जल जंगल और जमीन
इन दिनों अवैध रुप से रेत का उत्खनन होने के कारण संपूर्ण मानव जाति के सामने अस्थित्व का सवाल पैदा हो रहा है। सारी नदियों का छाती छन्नी कर दी गई है। इसी प्रकार वनों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाना होंगे। कभी मानव सभ्यता जीवित रह सकेंगी।
भाजपा का शासन
लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष दिलीपसिंह ने यह आरोप लगाया है कि शिवराजसिंह सरकार ने किसानों और बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं किया। जिसके कारण सभी जिलों में पलायन की स्थिति है। यहीं समस्या पेयजल की रही है। प्रदेश के सभी जिलों में शासकीय अस्पतालों की हालत खराब है। निजी अस्पतालों में डाक्टर अपनी सेवाएं दे रहे है जिसके कारण निजी अस्पताल करोड़ों रुपये कमा रहे है। सरकारी अस्पताल में पदस्थ कतिपय डाक्टरों द्वारा कमीशन के चलते गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पताल में आपरेशन पैदा करने की सलाह दी जाती है। निमोनिया की बीमारी बड़ी है और इससे होने वाली मौतों के मामले में भारत का स्थान दूसरा है। प्रतिवर्ष एक लाख 27 हजार बच्चे निमोनिया के कारण मरते है। सरकारी की जवाबदारी नहीं होने के कारण पोषण आहार व वायु प्रदूषण जैसी समस्याएं बड़ी है। प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश महासचिव स्वरुप नायक, जिला पंचायत सदस्य कविता भगोरा उपस्थित थी।
केन्द्र सरकार ने बिगड़ी हुई फसलों का मुआवजा देने में आनाकानी की है, शिक्षा का राष्ट्रीयकरण हो : दिलीपसिंह
