रतलाम। उर्वरक, बीज एवं पौध संरक्षण औषधि गुण नियंत्रण को दृष्टिगत रखते हुए किसानों को उत्तम गुणवत्ता का उर्वरक, बीज, पौध संरक्षण औषधि प्राप्त हो, इस हेतु 15 नवम्बर से 30 नवम्बर तक गुणवत्ता नियंत्रण हेत विशेष अभियान अन्तर्गत किसानों को मिलने वाले आदान उर्वरक, बीज, पौध संरक्षण की गुणवत्ता में सुधार लाने एवं बाजार में अमानक स्तर के आदान की बिक्री पर रोक लगाने के साथ-साथ आदामी सामग्री वास्तविक कीमत पर किसानों को प्राप्त हो, इस हेतु विकासखण्ड, तहसील स्तरीय निरीक्षण दलों का गठन किया गया है।
उपसंचालक कृषि ने बताया कि 23 नवम्बर को जिले में निरीक्षण दलों द्वारा उर्वरक फर्मों के 53, बीज फर्मों के 28 तथा पौध संरक्षण औषधि के 6 निरीक्षण किए गए। इसी प्रकार उर्वरक फर्मों के 33, बीज फर्मों के 26 तथा पौध संरक्षण औषधि के 5 नमूने लिये जाकर प्रयोगसाला को भेजे गए हैं। विश्लेक्षण रिपोर्ट आने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उर्वरक की चार फर्मों मेसर्स गुर्जर कृषि सेवा केन्द्र शिवगढ, मेसर्स मेहता खाद भण्डार सैलाना, मेसर्स सेठिया फर्टिलाइजर्स ताल, मेसर्स वरदीचन्द राजमल ताल द्वारा मासिक प्रगति प्रतिवेदन नहीं भेजने के फलस्वरुप उर्वरक गुण नियंत्रण 1985 की धारा खण्ड 35 (1) तथा पंजीयन प्रमाण पत्र की शर्त 5 का स्पष्ट उल्लंघन तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 10 (बी) के तहत धारा 7 (1) (ए) (।।) की धाराओं का उल्लंघन तथा 1 फर्म अम्बिका कृषि सेवा केन्द्र द्वारा स्टाक सूची, भाव सूची प्रदर्षित न होने कारण बताओ सूचना जारी किया गया। मेसर्स नामली एग्रो एजेंसी नामली द्वारा अवैधानिक उर्वरक भण्डारण करने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 7 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अन्तर्गत धारा 3/7 का उल्लंघन करने के फलस्वरुप उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 31 के अन्तगत संबंधितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
