रतलाम। कांग्रेस नेता और जिला पंचायत के उपाध्यक्ष डी.पी. धाकड़ (दुर्गा प्रसाद धाकड़) ने धामनोद हिंसा के बाद अपने खिलाफ दर्ज किए अपराध के मामले में हाइकोर्ट में अपील की है। धाकड़ की ओर से कहा गया है कि राजनैतिक प्रतिद्वंतिता के कारण दबाव में पुलिस ने हत्या का प्रयास सहित अन्य कई धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। बुधवार को इस मामले की इंदौर बैंच में सुनवाई हुई, कोर्ट ने डी.पी. धाकड़ के वकील को 21 जुलाई तक सबूत पेश करने को कहा है साथ ही गृह विभाग, प्रमुख सचिव गृह, कलेक्टर रतलाम, एसपी रतलाम और टीआई औद्योगिक थाना क्षेत्र को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
डी.पी. धाकड़ की ओर से अधिवक्ता अजय बागड़िया ने यह अपील दायर की है। संविधान के अनुच्छेद 226 और 227 के तहत यह अपील दायर की गई है। इस अपील के माध्यम से कोर्ट से पुलिस प्रकरण को समाप्त करने की मांग की गई है। बुधवार को न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की कोर्ट में इस प्रकरण पर बहस हुई। डी.पी. धाकड़ के अधिवक्ता ने तर्क रखे कि पुलिस ने राजनैतिक द्वेषतावश सत्ता के दबाव में बगैर वास्तविक सबूतों के धाकड़ के खिलाफ गंभीर धाराओं प्रकरण दर्ज किया है, लिहाजा इस कार्रवाई को समाप्त किया जाए। कोर्ट ने डी.पी. की ओर से लगाए गए आरोपो के संबंध में सबूत 21 जुलाई को प्रस्तुत करने को कहा है। गौरतलब है कि 4 जून को हुई धामनोद हिंसा के मामले में पुलिस ने डी.पी. धाकड़, राजेश भरावा और भगवती पाटीदार के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज करने के साथ ही गिरफ्तारी पर 10 हजार रूपए ईनाम घोषित किया था जिसे बढ़ाकर बाद में 20 हजार रूपए कर दिया गया।
