नई दिल्ली/अहमदाबाद। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान “वायु” भले ही 13 जून को गुजरात के तट से ना टकराया हो लेकिन इसका मतलब यह नहीं की खतरा टल गया है। यह चक्रवात अपनी दिशा बदलने की तैयारी में है और खबर है कि 17 या 18 जून को यह कच्छ के तट से टकरा सकता है।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार यह चक्रवात दीव से 390 किमी दूर पश्चिम में स्थित है और पोरबंदर के पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में 290 किमी दूर स्थित है। फिलहाल यह तट से दूर जा रहा है।
केंद्रीय भू विज्ञान मंत्रालय व मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात वायु के पीछे मुड़कर आने के संकेत हैं। 17-18 जून को यह कच्छ के तट से टकरा सकता है। हालांकि अब पहले की तुलना वह प्रबल नहीं बल्कि तीव्र वेग से आएगा। उधर फिलहाल खतरा टला समझकर गुजरात के तटीय जिलों से निकाले गए लाखों लोग वापस अपने घरों को लौटने लगे हैं।
गुजरात सरकार को अलर्ट किया
भू-विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. राजीवन ने कहा कि पूरी संभावना है कि चक्रवात अगले 48 घंटे में पश्चिम की ओर बढ़ेगा और उसके बाद पीछे मुड़कर उत्तर-पूर्व की ओर आएगा। 16 जून तक इसकी तीव्रता घट जाएगी और यह चक्रवात या गहरे दबाव क्षेत्र के रूप में भी आ सकता है। उन्होंने कहा कि वायु की संभावित वापसी को लेकर गुजरात सरकार को अलर्ट कर दिया गया है।
60 से 70 रह जाएगी रफ्तार
मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा है कि वायु पोरबंदर व देवभूमि द्वारका जिलों का रुख कर रहा है। इसकी रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे से लेकर अधिकतम 70 किमी तक रह सकती है। गीर सोमनाथ व जूनागढ़ जिलों में इसकी रफ्तार और घटकर 30-40 किमी प्रति घंटा रह जाएगी। याद रहे इससे पहले “वायु” 13 जून को प्रबल वेग से सौराष्ट्र के वेरावल या पोरबंदर तट से टकराने वाला था, लेकिन बुधवार-गुरुवार रात वह ओमान की ओर मुड़ गया था।
लोगों का घर लौटना शुरू
तूफान वायु के टल जाने की खबरों के बाद अब राहत शिविरों में रह रहे करीब पौने तीन लाख लोगों को अब वापस घर भेजा जा रहा है। लेकिन 10 प्रभावित क्षेत्रों में अभी एनडीआरएफ की टीम को तैनात रखा गया है। मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने शुक्रवार सुबह गांधीनगर में राज्य आपदा केंद्र में हालात की समीक्षा की। रुपानी ने कहा कि गुजरात अब पूरी तरह सुरक्षित है। चक्रवात अरब सागर में पश्चिम की ओर बढ़ गया है। आपदा प्रबंधन अमला अब राहत स्थलों पर रखे गए लोगों को घर भेजने लगा है। स्कूल और कॉलेज कल से अपने नियत समय पर शुरू हो जाएंगे।
“वायु” से महाराष्ट्र में लेट हो सकता है मानसून
मौसम विभाग ने शुक्रवार को कहा कि चक्रवाती तूफान वायु के चलते महाराष्ट्र में मानसून के आने में देरी हो सकती है। क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र (आरडब्ल्यूएफसी) के निदेशक विश्वंभर ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून पर चक्रवात का बहुत गहरा असर पड़ा है। अगर आने वाले दिनों में इसका असर खत्म नहीं होता है तो महाराष्ट्र में मानसून कम से कम एक हफ्ते की देरी से आएगा।
पीछे मुड़ेगा ‘वायु’, फिलहाल इस जगह है मौजूद, 17-18 जून को कच्छ तट पर देगा दस्तक
