रतलाम। उज्जैन संभागायुक्त अजीत कुमार ने वीसी के माध्यम से संभाग के सभी कलेक्टर्स एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन के लिये समस्त इंतजाम अभी से कर लिए जाएं। उज्जैन संभाग की सभी सिंचाई परियोजनाओं से जल निकासी के लिए पुख्ता योजना बनाई जाए तथा तदनुरूप उसका क्रियान्वयन किया जाए। राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले राजस्व अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई (डीई) की जाए।
इस अवसर पर आईजी राकेश गुप्ता, डीआईजी अनिल शर्मा, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता वाईसी शर्मा, मुख्य वन संरक्षक आदि उपस्थित थे। वीडियों कांन्फं्रेसिंग बैठक में कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, पुलिस महानिरीक्षक रतलाम रेंज गौरव राजपूत व पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने रतलाम जिले की जानकारी से अवगत कराया।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि संभाग में एक वृहद सिंचाई परियोजना गांधी सागर तथा 3 मध्यम सिंचाई परियोजनाएं काका साहेब गाडगिल, रेतम तथा धोलावड़ है। प्रथम 3 परियोजनाएं मंदसौर जिले में तथा धोलावड़ परियोजना रतलाम जिले में है। इसके अलावा धार जिले के माही बांध से रतलाम जिले के 31 गांवों में, राजस्थान बांसवाड़ा की माही बजाज परियोजना से 16 गांवों में तथा बरगी एवं तवा परियोजनाओं से देवास जिले के 11 गांवों में पानी आता है। इंदिरा सागर परियोजना के बैकवॉटर से देवास जिले के कन्नौद और बागली गांव के क्षेत्र प्रभावित होते हैं।
संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि इन सभी बांधों से गेट खोलकर पानी छोड़े जाने के पर्याप्त समय पूर्व सम्बन्धित सभी क्षेत्रों में मोबाइल, सायरन, ढोंढी पिटवाकर तथा अन्य संचार माध्यमों से सूचना अवश्य दी जाए। पानी छोड़े जाने के लिए कार्यक्रम बनाए जाकर उसकी जानकारी प्रभावित होने वाले समस्त गांवों तथा सभी सम्बन्धित अधिकारियों तक यथासमय पहुंचा दी जाए।
आईजी राकेश गुप्ता ने निर्देश दिए कि बांधों का पानी छोड़े जाने से संभाग के जिलों के जिन पुल-पुलियाओं पर पानी आने की संभावना रहती है, उनकी सूची सम्बन्धित कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक अभी से तैयार करवा लें तथा उन पर ड्रॉपगेट लगवाए जाएं। साथ ही अन्य आवश्यक इंतजाम भी किए जाएं। पुलिस अधीक्षक बाढ़ नियंत्रण के लिए होमगार्ड विभाग से समन्वय कर मोटर बोट, रस्सी, लाईफ जैकेट, गोताखोर आदि के इंतजाम करवा लें। साथ ही आपदा प्रबंधन का पूर्वाभ्यास भी कर लिया जाये। श्री गुप्ता ने ये भी निर्देश दिए कि बाढ़ के दौरान जिन स्कूलों आदि में लोगों को रूकवाया जाता है, उनमें प्रकाश, पंखा, स्वच्छ पेयजल, भोजन आदि की व्यवस्थाएं भी कर ली जाएं। साथ ही ऐसे गांव जो बरसात के दौरान मुख्य भूमि से कट जाते हैं, वहां पर्याप्त खाद्य सामग्री एवं दवाओं आदि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए।
संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण के लिए एक-एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष बना लिया जाए। आईजी श्री गुप्ता ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण कक्ष में पुलिस एवं प्रशासन दोनों के अधिकारी/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। उन्होंने आगामी 15 जून से पहले मॉकड्रिल किए जाने के भी निर्देश दिए। संभागायुक्त ने राजस्थान के सीमावर्ती संभाग के जिलों के कलेक्टर से कहा कि वे बाढ़ नियंत्रण के सम्बन्ध में अपने जिले की सीमा से लगे राजस्थान के क्षेत्रों में भी अधिकारियों से सम्पर्क कर लें। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि आपदा के दौरान आरबीसी 6(4) के प्रकरण भी तुरन्त बनवाए जाकर लोगों को सहायता दी जाए।
30 जून तक के लिए पेयजल की व्यवस्था कर लें
संभागायुक्त ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में आगामी 30 जून तक के लिए जल आपूर्ति की व्यवस्था कर लें। आवश्यकता अनुसार पेयजल का परिवहन किया जाए।
राजस्व प्रकरण लम्बित होने पर विभागीय जांच करें
संभागायुक्त ने सभी जिलों के राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि जिन राजस्व अधिकारियों के न्यायालयों में अनावश्यक रूप से लम्बे समय तक राजस्व प्रकरण लम्बित हों, उनके विरूद्ध विभागीय जांच की जाए। एसडीएम आलोट के न्यायालय में भी 3 से 6 माह के 2 राजस्व प्रकरण लम्बित पाए गए।
वीसी में संभागायुक्त द्वारा आरसीएमएस के प्रकरणों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत अभियान, मनरेगा योजना एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा से सम्बन्धित योजनाओं के क्रियान्वयन आदि की समीक्षा की। संभागायुक्त ने वीसी में उपार्जन कार्य की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
सिंचाई परियोजनाओं से जल निकासी के लिए पुख्ता योजना बनाई जाए, संभागायुक्त अजीत कुमार ने संभाग के सभी कलेक्टर्स को दिए निर्देश
