खबर पक्की: 4 अप्रैल नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय सेना को ‘मोदी जी की सेना’ बताया था। भारतीय चुनाव आयोग ने सीएम योगी आदित्यनाथ से उनके इस बयान पर 5 अप्रैल तक जवाब तलब किया है. सीएम योगी ने केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह के संसदीय क्षेत्र गाजियाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए यह बयान दिय था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ‘कांग्रेस के लोग आतंकवादियों को बिरयानी खिलाते थे और मोदी जी की सेना उन्हें सिर्फ गोली और गोला देती है। यह अंतर है। कांग्रेस के लोग मसूद अजहर जैसे आतंकियों के लिए जी का इस्तेमाल करते हैं, मगर पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार आतंकियों के कैंप पर हमले कर उनका कमर तोड़ती है। सीएम योगी जिनके लिए प्रचार कर रहे थे, उन्होंने ही इसे गलत बताते हुए देशद्रोह करार दिया है।
बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में जनरल वीके सिंह ने कहा कि भारत की सेनाएं भारत की हैं, और ये किसी राजनीतिक पार्टी की नहीं हैं। अगर कोई कहता है कि भारत की सेना मोदी जी की सेना है तो वो गलत ही नहीं, वो देशद्रोही भी है। साथ ही उन्होंने कहा कि पता नहीं कौन ऐसी बात कर रहा है। एक ही दो लोग हैं जिनके मन में ऐसी बातें आती हैं क्योंकि उनके पास तो कुछ और है ही नहीं।
