खबर पक्की : रतलाम जिले के जावरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत झालवा के सरपंच प्रयागदास बैरागी की गांव के ही समरथ,भेरूलाल,अशोक ,रामप्रहलाद,बालाराम,प्रहलाद एवं बालमुकुंद नाम के 7 आदतन शिकायतकर्ताओं द्वारा ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों की झूठी शिकायत की गई। जब उन शिकायत कर्ताओं को लगा कि हमारी शिकायत झूठी हो सकती है तो उन्होंने सरपंच को अकेला रात में बुलाया और उससे रात के अंधेरे में 30 लाख रुपए नगद फिरौती के रूप में मांगे। ओर कहा 30 लाख रुपए देदो हम हमारी सारी शिकायते वापस ले लेंगे। यदि तुमने पैसे नही दिए तो तुम्हे जान से मार व गंभीर आरोप लगाकर झूठे केस में फंसा देंगे। लेकिन सरपंच की सूझबूझ से सरपंच द्वारा उन लोगों की आडियो रिकॉर्डिंग मोबाइल में कर ली जब उनको मालूम हुआ कि हमारी रिकॉर्डिंग हो रही है। तो उन लोगो ने सरपंच का मोबाइल छीना ओर रिकॉर्डिंग बंद कर बोला यदि दो-चार दिन में पैसों की व्यवस्था नहीं की तुझे कहीं भी टपका डालेगे, तुझे मार कर फेंक देंगे। भयभीत सरपंच ने शपथ पत्र व रिकॉर्डिंग की सीडी बनाकर कलेक्टर,एसपी,जिला पंचायत सीईओ,जावरा शहर एसपी व संबंधित थाने को शपथ पत्र के माध्यम से अवगत कराया लेकिन अभी तक प्रशासन के सुस्त रवैया से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि सरपंच द्वारा नामजद लोगो की शिकायत शपथ पत्र के माध्यम से की फिर भी राजनेतिक प्रेशर के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। ये सारा घटना क्रम सरपंच प्रयागदास बैरागी ने बताया।
जब मामले में जावरा शहर एसपी आशुतोष बागरी से बात करना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। संबंधित थाने के थाना प्रभारी बीएल सोलंकी से बात करना चाहा तो उन्होंने कहा कि मामला जांच में है पुलिस जांच कर रही है। वह अपना रोब झाड़ने लगे।
जावरा जनपद पंचायत के अधिकतर सरपंच ऐसे मामले को लेकर परेशान है जिसको लेकर सरपंच संघ द्वारा मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम एम,एल, आर्य को ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया गया आए दिन ऐसे मामले आते जा रहे हैं ।सरपंचों की झूठी शिकायत कर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। छुट्टी शिकायत होने के बावजूद भी शिकायत कर्ताओ पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। ये लोग शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करते हैं। लोग द्वारा की गई शिकायत जांच में झूंटी होने पर इन लोगों के ऊपर भी कार्रवाई होनी चाहिए। ग्राम पंचायत झालवा के सरपंच प्रयागदास बैरागी ने अपनी सूझबूझ से इन लोगों की रिकॉर्डिंग कर ली जो शपथ पत्र के माध्यम से सभी जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत करवाया गया जो 48 घंटो से भी ज्यादा का समय हो गया। लेकिन कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। यदि इस बीच सरपंच को कुछ होता है तो इसकी समस्त जवाबदारी शासन-प्रशासन, व उन सात लोगो की रहेगी। यदि इसमें जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो जल्द ही सरपंच संघ द्वारा सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच सामूहिक इस्तीफा देंगे।
