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छात्रों के मामूली विवाद में 3 ब्राह्मण छात्रों सहित 6 छात्रों को एससी एसटी एक्ट में जेल भेजा। सामान्य व ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश

BySurendra Jain

Oct 23, 2018

खबर पक्की: जिस अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के लिए भारतीय जनता पार्टी की मोदी सरकार अपनी पीठ थपथपा कर पूरी दुनिया में अनुसूचित जाति जनजाति की हितैषी बनने का ढिंढोरा पीट रही है।उसके दुष्परिणाम यूं तो लगातार मिल ही रहे थे, पर आज रतलाम में गजब हो गया। कालेज के कुछ छात्रों का आपस में झगड़ा हुआ गाड़ी तेज चलाने की बात पर और 6 छात्रों के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाकर केस दर्ज कर लिया गया और उनकोआज जेल भेज दिया गया। विज्ञान एवं कला महाविद्यालय के जेल जाने वाले छात्र विकास शर्मा गणेश पंड्या आकाश पथ रोड आकाश धीवन आनंद मोयल और प्रकाश जोशी है। औद्योगिक थाना प्रभारी माणक मणि कुमावत ने बताया कि 14 सितम्बर 2018 को शिकायत प्राप्त हुई थी कि गाड़ी तेज चलाने की बात पर विकास शर्मा और गणेश पंड्या आदि से फरियादी का झगड़ा हुआ था। जिस पर फरियादी रूपेश पवार ने औद्योगिक थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस पर छात्रों के खिलाफ तत्काल एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज करते हुए अन्य धारा 323 504 506 3/4 अ में मामला दर्ज कर लिया था और आज छात्रों की गिरफ्तारी लेकर जेल भेज दिया गया।जब औद्योगिक थाना प्रभारी से सवाल किया गया कि छात्रों के गाड़ी तेज चलाने की बात पर आप कह रहे हो कि रिपोर्ट दर्ज हुई है तो फिर एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज करने की क्या जरूरत पड़ गई थी। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि फरियादी ने जो शिकायत करी उसके आधार पर हमने कार्रवाई की है और अधिनियम के अनुसार हमको शिकायत पर एफ आई आर दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करना पड़ती है। छात्रों के परस्पर मामूली झगड़े में अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में केस का दर्ज होना यह दर्शाता है कि सुप्रीम कोर्ट ने बहुत सोच समझ कर और फर्जी मुकदमों की बढ़ती तादाद को देखते हुए बहुत अच्छा और संतुलित फैसला किया था। किंतु भाजपा की मोदी सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के चलते सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खूंटी पर टांग दिया और अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को और भी ज्यादा खतरनाक बना दिया यही कारण है कि मामूली झगड़े में ब्राह्मण समाज के तीन छात्र और 3 अन्य छात्र आज जेल भेज दिए। यदि समाज अभी भी जागृत नहीं हुआ तो सामान्य वर्ग और अन्य वर्गों का स्कूलों में पढ़ना दुभर हो जायेगा छात्रों के अभिभावकों ने बताया कि हमारे बच्चों का भविष्य अंधकार में हो गया है। क्या बच्चों के आपसी झगड़ों में भी आप sc-st एक्ट जैसा खतरनाक कानून सामान्य जाति के बच्चों पर लगाएंगे। इस मामले को लेकर जैसे ही सामान्य वर्ग के लोगों को पता चला है ब्राह्मण समाज जैन समाज करणी सेना सहित छात्रों में भयानक आक्रोश है और इस आक्रोश की परिणिति क्या होती है यह आने वाला समय बताएगा।

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