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मी टू कैंपेन से प्रेरणा लेकर, जिले की महिलाओं, कर्मचारियों को यौन शोषण पर खोलना चाहिए अपना मुंह।

BySurendra Jain

Oct 9, 2018

खबर पक्की: क्या रतलाम जिले की विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं अपने साथ हुए यौन शोषण को लेकर जागरूक होगी और अपने भीतर छिपी हुई दर्द भरी दांस्तानो को बाहर लाएगी। पूरी दुनिया में मी टू कैंपेन चल रहा है और इसमें विभिन्न कार्य क्षेत्र की महिलाएं राजनीति की, बॉलीवुड की, हॉलीवुड की, पत्रकारिता क्षेत्र की, शासकीय दफ्तरों में काम करने वाली महिला हर क्षेत्र की महिलाएं अपने साथ बचपन में या जवानी में हुए यौन शोषण को सामने लेकर आ रही है और किसने उनका यौन शोषण किया है खुल कर उसका नाम भी बता रही है भारत में अभी तक इसकी चपेट में नाना पाटेकर, संजीव बहल आलोक नाथ विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर जैसे नाम सामने आए हैं जिसको लेकर हड़कंप मचा हुआ है यदि रतलाम जिले की राजनीति और शासकीय दफ्तरों में काम करने वाली महिलाएं भी मी टू कैंपेन से प्रेरणा लेकर यौन शोषण से संबंधित अपनी अनकही कहानियों को साझा करती है तो जिले के कई उद्योगपति, धन्ना सेठ, राजनेता, जिले में काम करने वाले अधिकारी और यहां से हाल ही में और बीते वर्षों में तबादला हुए अधिकारी बेनकाब हो सकते है। अगर रतलाम जिले की महिलाएं इस कैंपेन से प्रेरणा लेकर छिपे राजों को उजागर करती है तो निसंदेह महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों में कमी आएगी और कार्य स्थल पर होने वाले यौन शोषण में कमी आएगी।

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