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एक तरफ छूट,दूसरी तरफ लूट। किसानों से खसरे के लिये जा रहे मनमाने पैसे।विपक्ष अफीम निंद्रा में

BySurendra Jain

Aug 8, 2018

Khabar Pakki: मध्य प्रदेश सरकार एक तरफ किसान और मजदूरों की हितेषी होने का दावा कर रही है गरीब परिवारों को ₹200 बिजली कनेक्शन के लिए छूट दी जा रही है वहीं दूसरी ओर किसानों से खसरे के लिए लिये जाने वाले पैसे में उसने भारी बढ़ोतरी कर दी है। मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 56 क में स्पष्ट लिखा हुआ है कि भूमिस्वामी धारक से प्रत्येक पृष्ठ के लिए ₹10 के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा। किंतु करदाताओं की गाढ़ी कमाई का पैसा अंधाधुंध उड़ाने वाली मध्य प्रदेश सरकार आकंठ कर्ज में डूबी हुई हैं और अपने खर्चे के लिए पैसा जुटाने के लिए येन-केन-प्रकारेण उपाय कर रही है इसीलिए पहले उसने पंजीयन शुल्क में एक एक पर्सेंट करके दो बार बढ़ोतरी की है। पेट्रोल डीजल में मध्य प्रदेश सरकार हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा टैक्स वसूल रही है यहां तक तो ठीक था किंतु किसानों के हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार ने कानून का उल्लंघन करते हुए मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 को ताक पर रखते हुए एक परिपत्र 4 अप्रैल 2018 को जारी किया और सभी लोक सेवा गारंटी केंद्र और खसरे की नकल लेने वालों के लिए प्रत्येक सर्वे नंबर के अलग अलग चार्ज लेना शुरू कर दिया यदि आपके पास एक सर्वे नंबर है तो उसके लिए ₹10 देना है और 20 सर्वे नंबर है तो ₹200 देना है और 50 सर्वे नंबर है तो ₹500 देना है जबकि मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 56 क यह कहती है कि प्रत्येक पृष्ठ के ₹10 लिए जाएंगे लेकिन सरकार ने बड़ी चालाकी से प्रत्येक पृष्ठ की जगह प्रत्येक सर्वे नंबर के आधार पर वसूली शुरू कर दी है। गत अप्रेल से शुरू हुई इस वसूली की खबर न तो किसी अखबार में छपी न ही किसी चैनल ने चलाई और विपक्ष तो अभी भी अफीम लेकर सो रहा है। वह तो भला हो ग्राम पंचेड़ के किसान गिरधारी का जो आकर उसने अपना दुखड़ा ख़बरपक्की के पास रोया और किसानो के हित की यह खबर हमारे माध्यम से आपके पास पहुंच रही है।देखते है मध्यप्रदेश के किसान हितेषी सरकार इसके बारे में क्या कहती है और विपक्ष कैसे इस मुद्दे को उठाता है।

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