खबर पक्की, 19 अगस्त, रतलाम। दो बत्ती चौपाटी क्षेत्र से खान-पान की दुकानों को हटाने के विरोध में कांग्रेस व दुकानदारों का प्रदर्शन एक साथ नहीं हो पाया। कांग्रेसी अपने झंडे लेकर पहुंचे तो दुकानदारों ने किनारा कर लिया। दुकानदारों ने कहा कि हम राजनीति करने नहीं आए है। हम रोजी रोटी की बात करने आए है। हमें राजनीति नहीं करना है। अगर साथ चलना है तो तिरंगा झंडा लेकर साथ में चलने के लिए तैयार है।
शहर के प्रमुख दो बत्ती क्षेत्र से नगर निगम द्वारा खान-पान की ठेला लगाने वाले करीब 35 से अधिक दुकान संचालकों को हटाया जा रहा है। मंगलवार को नगर निगम ने चौपाटी क्षेत्र के आधे हिस्से में जेसीबी चला दी थी। लेकिन दूसरे हिस्से में दुकानदारों व कांग्रेस के विरोध के चलते जेसीबी चल नहीं पाई। रात सभी धरने पर बैठे थे। निगम अधिकारियों ने बुधवार सुबह महापौर प्रहलाद पटेल व कमिश्नर अनिल भाना से मिलने की बात कही थी। तब जाकर धरना समाप्त हो गया था।
बुधवार सुबह कांग्रेसियों के साथ दुकानदार भी नगर निगम पहुंचे। लेकिन कांग्रेस नेता हाथों में कांग्रेस के झंडे लेकर आए। इससे दुकानदार नाराज हो गए। दुकानदारों का कहना था कि रात में जब मिलने की बात हुई थी तो झंडे लाने की क्या जरूरत। हम यहां किसी प्रकार से राजनीति करने नहीं आए है। इसी बात को लेकर हंगामा भी हुआ। कुछ दुकानदार कांग्रेस के साथ गए, लेकिन अधिकतर ने साथ नहीं दिया।
कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन
शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, कांग्रेस नेता पारस सकलेचा, यास्मिन शैरानी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट आदि नेताओं व कार्यकर्ताओं ने विधायक व महापौर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दुकादारों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंप कहा कि दो बत्ती चौपाटी हॉकर्स जोन में 15 से 20 वर्षों से व्यवसाय कर रहे गरीब पथ विक्रेताओं को बिना नोटिस एवं सुनवाई के हटाने की कार्रवाई रोकी जाए. प्रस्तावित बगीचा, पार्किंग योजना पर पुनर्विचार किया जाए।
दुकानदार महापौर से मिले
कांग्रेस के ज्ञापन सौंपने के बाद अधिकतर ठेला संचालक दुकानदार महापौर प्रहलाद पटेल से मिले। उन्हें हटाने के दौरान परिवार पर रोजी रोटी की समस्या बताई। एक ठेला संचालक ने तो यह तक कह दिया कि मैं आत्महत्या कर लूंगा। तब महापौर ने कहा धमकी दी तो एफआईआर दर्ज करा कर गिरफ्तार करा दूंगा। दुकानदार ने कहा धमकी नहीं दू तो क्या करू, बच्चों को मारना पड़ेगा। दुकानदारों ने कहा कि निगम के कुछ लोगों ने भी अपनी ठेला गाड़ी लगा रखी है। वह लोग हमेशा हम लोगों से अकड़कर बात करते है। हम चाहते है कि हमें हटाने के पहले सही जगह दी जाए। ताकि हम हमारी रोजी रोटी चला सके।
कांग्रेसी झंडा लेकर आए तो दुकानदारों ने किया किनारा:बोले- हम राजनीति नहीं करना, परिवार पालना है; महापौर के खिलाफ की नारेबाजी
