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सिंहस्थ के पहले उज्जैन से हटे अवैध मजारे : रतलाम में बोले स्वामी रवींद्र पुरी महाराज; अयोध्या राम मंदिर में चोरी के पीछे कुछ राजनीतिक दल

BySurendra Jain

Jun 17, 2026

खबर पक्की, 17 जून, रतलाम। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रवींद्रपुरी महाराज ने कहा कि उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 की तैयारियां संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप चल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि सिंहस्थ से पहले उज्जैन में मंदिरों के आसपास अवैध रूप से बनी मजारों को हटाया जाए।
अयोध्या राम मंदिर में कथित चोरी के मामले पर स्वामी रवींद्रपुरी महाराज ने कहा कि आगामी दिनों में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को देखते हुए कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन संतों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वे लंबे समय से सेवा कार्य कर रहे हैं। मामले की जांच एसआईटी कर रही है और सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी।
स्वामी रवींद्रपुरी महाराज रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम में महंत आनंद गिरी महाराज के महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 को लेकर मध्यप्रदेश सरकार गंभीरता से काम कर रही है। क्षिप्रा नदी के शुद्धीकरण, घाट निर्माण और संतों की सुविधाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
पिछले सिंहस्थ के दौरान क्षिप्रा शुद्धिकरण संत समाज का प्रमुख विषय था। इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को हरिद्वार आमंत्रित कर संत समाज के साथ चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने तब जानकारी दी थी कि क्षिप्रा शुद्धीकरण के साथ नदी तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे शाही स्नान के दौरान श्रद्धालुओं और संतों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
नदियों का विशेष महत्व
महंत रवींद्रपुरी ने कहा कि जहां भी कुंभ या सिंहस्थ होता है, वहां की पवित्र नदी का विशेष महत्व रहता है। प्रयागराज में गंगा-संगम, हरिद्वार में गंगा तथा उज्जैन में क्षिप्रा नदी आस्था का केंद्र हैं। वर्ष 2016 के सिंहस्थ में क्षिप्रा में नर्मदा का पानी लाकर शाही स्नान कराया गया था, जिस पर संत समाज ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। संत समाज ने आगामी सिंहस्थ 2028 की व्यवस्थाओं तथा क्षिप्रा तट पर निर्मित नवीन घाटों का देखा है। लगभग 30 किलोमीटर लंबी घाट श्रृंखला श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा सिद्ध होगी।
अवैध मजारों को हटाने की मांग
महंत रवींद्रपुरी ने एक प्रश्न पर कहा कि कहा कि उत्तराखंड में प्रशासन द्वारा कई अवैध मजारों को हटाया गया है। उज्जैन समेत अन्य क्षेत्रों में भी धार्मिक स्थलों के आसपास या मंदिर परिसरों में अवैध निर्माण पाए जाते हैं तो उनकी जांच कर हटाना चाहिए। कानून और प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप अवैध निमार्णों को हटाना जरूरी है।
स्वामी रवींद्रपुरी ने सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव यादव के नेतृत्व में उज्जैन में सिंहस्थ को लेकर अनेक विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। जहां मोहन यादव जैसे मुख्यमंत्री हों, वहां असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रयागराज और हरिद्वार में स्थायी मेला भूमि विकसित की गई है, जबकि उज्जैन में भी ऐसी मेला भूमि की आवश्यकता है। इससे भविष्य के सिंहस्थ आयोजनों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं हो सकेगी। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिले है।
लव जिहाद के पीछे फंडिंग
लव जिहाद के प्रश्न पर रवींदपुरी ने लव जिहाद के पीछे फंडिंग की बात कही है। हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या जव जिहाद बन गई है। हमने उत्तराखंड में देखा कि कई बच्चियां इसकी शिकार हुई। हम संत समाज एकट्ठा हुए और मजारों को हटाने का सिलसिला शुरू कराया। कुछ गलतियां हमारी भी हो सकती है। हमने अपने बच्चों को संस्कार में कमी रखी होगी, समय पर ध्यान नहीं दिया होगा। इशके पीछे फंडिंग भी हो हो रही है। समत समाज के साथ विभिन्न सामाजिक और हिंदू संगठन जागरूकता का कार्य कर रहे है।
आरोप कोई भी लगा सकता है
अयोध्या राम मंदिर चोरी के मामले में कहा कि जिन संतों का नाम इस मामले में लिया जा रहा है, वे लंबे समय से मंदिर से जुड़े हुए सम्मानित संत हैं। सादगीपूर्ण जीवन जीते हैं। आरोप कोई भी लगा सकता है। मंदिर परिसर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। मामले की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है। केवल किसी स्थान से धनराशि मिलने मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह मंदिर से संबंधित है। स्वामी रवींद्र पुरी ने आरोप लगाया कि आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनावों को देखते हुए कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं।
एक प्रश्न के जवाब में स्वामी रवींद्रपुरी ने कहा कि हम किसी सरकार के नहीं है। जो सनातन का कार्य करते है हम उन्हीं के होते है। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यनंद गिरी महाराज (राज्यमंत्री) समेत अन्य संत मौजूद रहे।

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