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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रविंद्र पुरी महाराज सहित देशभर के संतों की मौजूदगी में हुआ भव्य पट्टाभिषेकज्महंत आनंद गिरि बने महामंडलेश्वर

BySurendra Jain

Jun 17, 2026

खबर पक्की, 17 जून, रतलाम। रतलाम ने बुधवार को एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन का साक्षी बनकर अपने इतिहास में नया अध्याय जोड़ लिया। श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में आयोजित भव्य महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव में सैलाना के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम के महंत श्रीश्री 1008 आनंद गिरि महाराज का विधिवत पट्टाभिषेक कर उन्हें महामंडलेश्वर की उपाधि प्रदान की गई। यह पहला अवसर रहा जब रतलाम में इतने बड़े स्तर पर किसी संत का महामंडलेश्वर पद पर अभिषेक संपन्न हुआ।
संतों की भव्य पेशवाई ने बढ़ाई आयोजन की शोभा
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं 13 अखाड़ों के अध्यक्ष स्वामी रविंद्र पुरी महाराज ने की। सुबह श्री राम मंदिर से संतों की भव्य पेशवाई निकाली गई, जिसमें सुसज्जित रथ, आकर्षक झांकियां, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सैलाना रोड स्थित आयोजन स्थल पहुंची, जहां मुख्य समारोह आयोजित किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ पट्टाभिषेक
मुख्य समारोह में वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच महंत आनंद गिरि महाराज का पट्टाभिषेक संपन्न हुआ। संतों के पावन सान्निध्य में उन्हें महामंडलेश्वर पद की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में संतों ने सनातन परंपराओं की महत्ता, अखाड़ा व्यवस्था की भूमिका और समाज में आध्यात्मिक जागरण की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
देशभर के संत-महात्माओं का मिला सान्निध्य
आयोजन में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, आनंद अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज, पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रामरतन गिरी महाराज तथा उज्जैन चारधाम आश्रम के महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद महाराज सहित देशभर के अनेक संत, महात्मा और विद्वान उपस्थित रहे।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, आयोजकों ने जताया आभार
शिवोदय शिवशक्ति साधना सेवा संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन को लेकर रतलाम सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। संस्था के अध्यक्ष युवराज सिंह परिहार, सचिव महर्षि संजय शिवशंकर दवे, महामंत्री काजल गुरु (जागीरदार), सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष अनिल भालानी, समरथ पाटीदार सहित अन्य पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी संतों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
यह सम्मान नहीं, सेवा का दायित्व है- आनंद गिरि महाराज
महामंडलेश्वर पद पर अभिषिक्त होने के बाद आनंद गिरि महाराज ने इसे अपने गुरुओं की कृपा बताते हुए कहा कि यह सम्मान से अधिक समाज और सनातन धर्म की सेवा का दायित्व है। उन्होंने धर्म प्रचार, आध्यात्मिक जागरण और लोककल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

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