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सस्ते प्लाईवुड का झांसा देकर व्यापारी से 10.75 लाख की ठगी, पुलिस ने किया प्रकरण दर्जज्फोन पर विश्वास में लिया, साथी ने लिए रुपए

BySurendra Jain

Jun 5, 2026

खबर पक्की, 5 जून, रतलाम। शहर के एक प्लाईवुड व्यापारी को सस्ते दाम में माल दिलाने का लालच देकर 10 लाख 75 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने खुद को बड़े कारोबारी बताकर विश्वास में लिया और नकद राशि प्राप्त करने के बाद मोबाइल बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार लक्कड़पीठा निवासी मनीष पिरोदिया, जो प्लाईवुड का व्यापार करते हैं, ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनका प्लाईवुड का सामान अक्सर यमुनानगर (हरियाणा) से आता है। 29 मई 2026 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम राजेश जैन बताते हुए कहा कि वह रतलाम के कई बड़े व्यापारियों के साथ काम करता है। उसने दावा किया कि वह यमुनानगर से बाजार भाव से काफी कम कीमत पर प्लाईवुड उपलब्ध करा सकता है।
कुछ देर बाद एक अन्य मोबाइल नंबर से भी संपर्क किया गया और प्लाईवुड सप्लाई को लेकर बातचीत हुई। सौदा लाभदायक लगने पर मनीष पिरोदिया ने खरीदारी के लिए सहमति दे दी। इसके बाद कथित राजेश जैन ने फोन कर कहा कि सौदा तय हो गया है और आधी राशि उसके साथी को दे दी जाए, जबकि शेष भुगतान माल आने के बाद किया जा सकता है।
शिकायत के अनुसार 30 मई 2026 को दोपहर करीब 3.30 बजे मनीष पिरोदिया 10 लाख 75 हजार रुपये नकद लेकर लक्कड़पीठा स्थित एक दुकान पर पहुंचे। वहां एक व्यक्ति मौजूद था, जिसे राजेश जैन का साथी बताया गया था। फरियादी ने उक्त व्यक्ति को नकद राशि सौंप दी।राशि प्राप्त करने के बाद आरोपी ने फोन पर किसी से बात कर भुगतान मिलने की पुष्टि की और बिना नंबर की स्कूटी से वहां से चला गया।
फोन बंद होते ही खुला ठगी का राज
कुछ समय बाद जब मनीष पिरोदिया ने सौदे की पुष्टि के लिए राजेश जैन को फोन लगाया तो उसका मोबाइल बंद मिला। पैसे लेने आए व्यक्ति और अन्य संबंधित नंबर भी बंद मिले। लगातार संपर्क करने के प्रयास के बावजूद तीनों मोबाइल नंबर बंद रहे, जिसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह मामला सुनियोजित ठगी का प्रतीत हो रहा है, जिसमें व्यापारिक लेनदेन का भरोसा दिलाकर बड़ी रकम हड़प ली गई।

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