खबर पक्की, 10 मई, रतलाम। जिले के रावटी क्षेत्र में रेबीज का बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। 18 महीने के मासूम कन्हैया की रेबीज से मौत हो गई। करीब 17 दिन पहले घर में घुसे एक कुत्ते ने उसके सिर पर खतरनाक हमला किया था। परिजन समय पर नहीं पहुंचते तो कुत्ता बच्चे की जान उसी वक्त ले लेता। इलाज और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगने के बावजूद मासूम जिंदगी की जंग हार गया।
रावटी क्षेत्र के ग्राम सिंगत निवासी अजय ने बताया कि 21 अप्रैल को उनका बेटा कन्हैया घर में खेल रहा था। इसी दौरान मोहल्ले का एक कुत्ता घर में घुस आया और उसने बच्चे के सिर पर हमला कर दिया। कुत्ते ने सिर को बुरी तरह काट लिया, जिससे गहरा घाव हो गया। घायल हालत में परिजन तत्काल उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसी दिन एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई। गंभीर घाव होने के कारण रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन भी दिया गया।
परिजनों के मुताबिक कन्हैया को तय समय पर वैक्सीन की डोज भी लग रही थीं, लेकिन शनिवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार आने पर सुबह करीब 11 बजे उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम करीब 7.30 बजे उसकी मौत हो गई। पिता अजय ने बताया कि कन्हैया उनका इकलौता बेटा था।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप मिश्रा के अनुसार बच्चे में रेबीज के स्पष्ट लक्षण दिखाई दिए थे। पानी देखते ही उसे हाइड्रोफोबिया की समस्या हो रही थी। संक्रमण के खतरे को देखते हुए पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिदिन 10 से 12 लोग कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं।
कुत्ता काटे तो बिल्कुल न करें लापरवाही
चिकित्सकों ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि कुत्ता, बिल्ली या बंदर के काटने को मामूली खरोंच समझकर नजरअंदाज न करें। काटने के तुरंत बाद घाव को कम से कम 15 मिनट तक बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं। 24 घंटे के भीतर एंटी रेबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं। गहरा घाव होने पर रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन लगाना भी जरूरी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि घाव पर मिर्च, हल्दी, मिट्टी, चूना या तेल जैसे घरेलू उपाय जानलेवा साबित हो सकते हैं।
रेबीज से 18 महीने के मासूम की मौत, कुत्ते ने घर में घुसकर सिर पर काटा था
