खबर पक्की, 28 मार्च, रतलाम। भील समाज द्वारा आदिवासी विकास परिषद के अधिकारी-कर्मचारी प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश गणावा एवं प्रांतीय संरक्षक श्री भीम सिंह मोहनिया का विश्राम गृह रतलाम में पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर आयोजित बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े गंभीर विषयों एवं समस्याओं पर समाजजनों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही आदिवासी समाज की ऐतिहासिक धरोहर भील विश्राम गृह को संरक्षित करने के मुद्दे पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में निर्णय लिया गया कि भील विश्राम गृह के प्रकरण को पुन: न्यायालय में पंजीबद्ध कर समाजहित में संघर्ष किया जाएगा तथा (भील धर्मशाला) को पुन: भील समाज को दिलाने का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा हेतु आगामी रणनीति पर भी मंथन किया गया।
समाजजनों ने आदिवासी समुदाय पर हो रहे अन्याय, अत्याचार, शोषण, भ्रष्टाचार एवं संवैधानिक अधिकारों के हनन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। साथ ही जल, जंगल और जमीन पर अधिकार तथा पेसा कानून को जमीनी स्तर पर पूर्ण रूप से लागू करने की मांग शासन-प्रशासन के समक्ष रखने और शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम में अधिकारी-कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर भी चर्चा की गई।
इस अवसर पर प्रेमसिंह गामड़ (उपाध्यक्ष, आदिवासी विकास परिषद मध्यप्रदेश), बद्रीलाल कटारिया, वीरसिंह डोडियार, चुन्नीलाल मुनिया (पूर्व जनपद उपाध्यक्ष, जनपद बाजना), चेतन माल, प्रकाश मेडा, कालूराम महाराज, कैलाश भाबर, हरिचरण वर्णावत (वन क्षेत्र प्रभारी एवं संरक्षक) एवं समाजसेवी सूरतलाल डामर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
भील समाज का भव्य स्वागत समारोह, समाज हित के मुद्दों पर हुआ मंथन
