नागदा जं.। टीकमगढ जिले की 24 हजार की जनसंख्या वाली नगर पंचायत निवारी को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान ने जिला बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जबकि एक लाख की जनसंख्या वाले जिले के सभी मापदण्डो को पुरा करने वाले नागदा जंक्शन को जानबुझकर जिला नहीं बनाया जा रहा है।
यह आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने कहां है कि क्षैत्रीय विधायक दिलीप शेखावत की लगातार उपेक्षा व लापरवाही से प्रदेश शासन इस और ध्यान नहीं दे रहा है जबकि विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने विधानसभा चुनाव 2013 में नागदा को जिला बनाने का वादा किया था तथा पिछले चुनाव की जनआर्शीवाद यात्रा के दौरान भी मुख्यमंत्री द्वारा जिला बनाने की बात कहीं गई थी।
श्री गुर्जर ने कहां कि म.प्र. के कई जिले का दर्जा प्राप्त स्थानों से ज्यादा मापदण्डों में नागदा शहर खरा उतरता है जिसमें जिला बनने की सभी खुबियाॅं मौजुद है लेकिन इस मांग को विधानसभा एवं प्रशासनिक व शासन स्तर पर दमदारी से नहीं उठाये जाने से इसका खामियाजा क्षैत्र की जनता को भुगतना पड रहा है। नागदा के विकास के सारे मार्ग अवरूद्ध हो गये है। जिला अगर नागदा बनता है तो क्षैत्र का विकास 100 गुनी ज्यादा गति से होता है। लेकिन कुछ जिला विरोधी तत्वों के प्रभाव में आकर के क्षैत्रीय विधायक द्वारा इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जानबुझकर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
श्री गुर्जर ने कहां है कि विधायक शेखावत द्वारा जिले के मुद्दे पर मुख्यमंत्री के समक्ष सिर्फ मिडिया के अंदर ही नागदा के जनप्रतिनिधियों के साथ नागदा को जिला बनाने का मुद्दा उठाने की बात करते आए है। उनसे कई बार दिए गए पत्रो/ज्ञापन की प्रति सार्वजनिक करने की बात कहीं गई है परंतु उन्होंने सार्वजनिक नहीं की जबकि निवारी के भाजपा विधायक द्वारा लगातार सक्रियता बनाते हुए एक छोटी सी नगर पंचायत निवारी को जिले का दर्जा दिला दिया।
श्री गुर्जर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि क्षैत्र की जनता की भावनाओं के अनुरूप विधानसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले नागदा को जिला बनाने हेतू समस्त औपचारिकताऐं पूर्ण कर नागदा को जिले का दर्जा दिया जाये।
