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भारत को पहली बार विश्वकप का ताज, जीत की ये दीप्ति ‘मानÓ रोशनी दशकों तक हरमन-हर स्मृति में रहेगी

BySurendra Jain

Nov 3, 2025

खबर पक्की, 3 नवंबर, मुंबई। महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 के फाइनल में भारत महिला क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम को हराकर इतिहास रच दिया। यह जीत कई मायनों में खास रही- टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर अब महिला विश्व कप जीतने वाली सबसे उम्रदराज कप्तान बन गईं, वहीं युवा सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने सबसे कम उम्र में विश्व कप फाइनल या सेमीफाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच बनने का कीर्तिमान बनाया है।
प्लेयर ऑफ द मैच बनने का कीर्तिमान
21 साल 279 दिन की उम्र में भारतीय महिला की क्रिकेट टीम की तूफानी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने सबसे कम उम्र में खिताबी मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने फाइनल में शानदार बल्लेबाजी करते हुए ताबड़तोड़ 87 रन बनाए और गेंदबाजी करते हुए दो अहम विकेट भी झटके।
सबसे सीनियर कप्तान बनीं हरमनप्रीत कौर
दूसरी ओर, 36 साल 239 दिन की उम्र में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने अनुभव और शानदार कप्तानी से टीम को विश्व विजेता बनाया। बता दें कि सेमीफाइनल मुकाबले में हरमनप्रीत कौर ने जेमिमा रॉड्रिक्स के साथ 167 रन की साझेदारी निभाई। इस दौरान हरमनप्रीत ने पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार 89 रन भी बनाए थे।
विश्व कप में भारत की बेटियों ने रचा इतिहास
यह भी पहली बार हुआ है जब किसी महिला वनडे विश्व कप विजेता टीम ने टूर्नामेंट में लगातार तीन मैच हारे हों। हालांकि इससे पहले ऐसा कारनामा पुरुष क्रिकेट में सिर्फ दो बार हुआ था- पाकिस्तान ने 1992 में और इंग्लैंड ने 2019 में ऐसा कर दिखाया था।
कोच ने खिलाडिय़ों की जमकर तारीफ की
टीम की जीत पर हेड कोच अमोल मजूमदार ने कहा, ‘मैं बेहद गर्व महसूस कर रहा हूं। यह अभी तक समझ में भी नहीं आ रहा कि हमने क्या हासिल किया है। लड़कियों ने अविश्वसनीय मेहनत की है और यह जीत पूरी तरह उन्हीं की है। वे हर उस चीज की हकदार हैं जो यहां से आगे बढ़ेगी क्योंकि उन्होंने बहुत मेहनत की है। मुझे पूरा यकीन है कि उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, हर भारतीय को गर्व है। वहीं लगातार तीन मुकाबले हारने पर उन्होंने कहा कि उन हार को हमने हार नहीं माना, बस सोचा कि हम मैच खत्म नहीं कर पाए। ज्यादातर मुकाबलों में हमारा प्रदर्शन शानदार था, इसलिए हमने उन्हें हार के रूप में नहीं देखा। हमें पता था कि हम अब भी टूर्नामेंट में जिंदा हैं- और देखिए, आज हम विश्व चैंपियन हैं।
कोच मजूमदार ने भी की शेफाली की तारीफ
वहीं शेफाली वर्मा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, बस एक शब्द – जादुई। उन्होंने कमाल किया, फाइनल में, घरेलू दर्शकों के सामने, खचाखच भरे स्टेडियम में। एक धमाकेदार पारी खेलना और फिर गेंदबाजी में कुछ विकेट लेना। उन्होंने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और मैदान पर ऊर्जा- सब कुछ बेहतरीन।
भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण
मजूमदार ने टीम की फिटनेस और फील्डिंग पर भी खास जोर दिया, उन्होंने कहा, पिछले दो वर्षो से हमने फील्डिंग और फिटनेस पर बहुत ध्यान दिया था। आज लड़कियों ने वही दिखाया। विश्व कप फाइनल में उन्होंने हर मौके पर खुद को साबित किया।’ जैसा मैंने पहले कहा- वे हर उस चीज के हकदार हैं जो आगे से मिलेगी। और मुझे पूरा यकीन है कि उन्होंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। और मुझे लगता है कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल है।

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