खबर पक्की, 19 अक्टूबर, रतलाम। रतलाम में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), इंदौर जोनल यूनिट ने शनिवार रात महू-नीमच फोरलेन पर सेजावता व इप्का लेबोट्रीज के बीच फैक्ट्री पर दबिश दी। एनसीबी ने इसकी भनक रतलाम पुलिस को नहीं लगने दी। रविवार सुबह रतलाम पुलिस को इस बारे में जानकारी लगी। एनसीबी की टीम ने फैक्ट्री में से 13.762 किलोग्राम अल्प्राजोलम ड्रग जब्त की है। इनकी अनुमानित कीमत 3.44 करोड़ रुपए है।
एनसीबी के अधिकारियों के मुताबिक अल्प्राजोलम, जो कि एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत एक नियंत्रित ड्रग है। जिसे अक्सर मनोरंजनात्मक नशे के रूप में दुरुपयोग किया जाता है। इसका प्रयोग ताड़ी (तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश) और हेरोइन (राजस्थान, मध्य प्रदेश एवं आसपास के क्षेत्रों) में मिलावट के लिए किया जाता है।
एनसीबी ने यह सब जब्त किया
नशीले पदार्थ के अतिरिक्त, टीम ने फैक्ट्री में उपकरण भी जब्त किए। जिनमें राउंड बॉटम फ्लास्क, ऑयल बाथ, कंडेंसर, स्टिरर, थर्मामीटर आदि। साथ ही रासायनिक पदार्थ और सॉल्वेंट्स भी बरामद किए है। जिनमें एथाइल एसीटेट (7.5 लीटर), आइसोप्रोपाइल अल्कोहल (2.5 लीटर), टोल्यून (2.5 लीटर), मेथेनॉल (40 लीटर) क्लोरोफॉर्म (7.5 लीटर), ग्लेशियल एसिटिक एसिड (500 मिली), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (500 मिली) मैग्नीशियम सल्फेट (500 मिग्रा.), सोडियम बाइकार्बोनेट (522 ग्राम), सोडियम क्लोराइड (500 ग्राम) शामिल है।
इन दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
इस पूरे मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें एक रूप सिंह चौहान (51 वर्ष) श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस, इंदौर से बी.टेक स्नातक है। इसने पहले विल्सन फार्मा (धार) और श्री धारा लाइफ साइंसेज प्रालि. (रुड़की) जैसे कई फार्मास्यूटिकल उपक्रम संचालित किए।
इसके विरुद्ध वर्ष 2021 में तेलंगाना राज्य आबकारी विभाग द्वारा अल्प्राजोलम की वाणिज्यिक मात्रा की अवैध तस्करी का एक मामला दर्ज किया गया था। जिसमें यह संगारेड्डी जेल में ,जा काट चुका है। वर्तमान में ये जमानत पर है।
अभिजीत सिंह चौहान (39 वर्ष) ऋषिराज कॉलेज ऑफ फार्मेसी, इंदौर से बी. फार्मा स्नातक है।पहले इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, रतलाम से जुड़े हुए थे, बाद में रूप सिंह चौहान के साथ मिलकर फार्मास्यूटिकल एवं आयुर्वेदिक उत्पादों के व्यवसाय में पार्टनर है।
दबिश देने वाले अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं थे
रविवार दोपहर दोनों आरोपियों को लेकर एनसीबी पहले कोर्ट पहुंची। वहां से जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया। वापस दोनों कोर्ट में लाया गया। जहां रिमांड मिलने पर एनसीबी दोनों आरोपियों को अपने साथ लेकर शाम 6 बजे इंदौर रवाना हो गई।
मेडिकल के दौरान दोनों आरोपी अपना मुंह छिपाते रहे। कार्रवाई को लेकर रतलाम के पुलिस अधिकारी भी कुछ भी जानकारी देने से मना करते रहे। शाम को एनसीबी ने कार्रवाई को लेकर अधिकृत जानकारी जारी की।
एनसीबी इंदौर के जोनल निदेशक रीतेश रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि दोनों आरोपियों ने अपनी फार्मास्यूटिकल पृष्ठभूमि और उपलब्ध सुविधाओं का उपयोग करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत बैन साइकोट्रॉपिक पदार्थ अल्प्राजोलम का अवैध निर्माण किया।
यह लोग जनवरी 2025 से ग्राम सेजावता व इप्का फैक्ट्री के बीच किराए के गोदाम में यह अवैध निर्माण कर रहे थे। इनके बारे में अन्य जानकारियां जुटाई जा रही है। इनके वित्तीय लेन-देन एवं संभावित अंतरराज्यीय नेटवर्क में शामिल होने की तभी संभावना है।
रतलाम में अवैध रूप से बन रही थी अल्प्राजोलम ड्रग : एनसीबी इंदौर ने छापा मारकर दो गिरफ्तार किए; आरोपी मुंह छिपाते रहे, पुलिस को पता नहीं लगा
