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पुलिस को सफलता : 24 घंटे के भीतर पुलिस ने कर लिया 7 आरोपियों को गिरफ्तार, जब्त की गई सामग्री

BySurendra Jain

Aug 31, 2025

खबर पक्की, 31 अगस्त, रतलाम। पुराने विवाद को लेकर ढाबे में तोडफ़ोड़ कर आग लगने वाले सात आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया। कुछ आरोपियों के आपराधिक रिकार्ड भी पुलिस थानों में दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी रतलाम और धार जिले के हैं। आरोपियों किसके कब्जे से सामग्री जब्त की गई।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर टीम तैयार की। नामली थाना प्रभारी उप निरीक्षक कन्हैया अवास्या एवं उप निरीक्षक शांतिलाल चौहान चौकी प्रभारी बांगरोद के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना पर टीम ने सात आरोपियों को 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपीगण : राहुल पिता सुगन सिहं सोलंकी जाति मोगिया उम्र 32 साल निवासी ग्राम नायन थाना नामली, रतलाम, जितेन्द्र पिता गोपाल पंवार जाति मोगिया उम्र 32 साल निवासी ग्राम नायन थाना नामली, जिला रतलाम, प्रद्युम्मन पिता समरथ लाल भाटी जाति मोगिया उम्र 27 साल निवासी ग्राम ढोलाना थाना बदनावर, जिला धार, विष्णु पिता ऊंकार डाबी जाति मोगिया उम्र 20 साल निवासी ग्राम पढुनिया थाना बदनावर, जिला धार। गोविन्द पिता दयाराम राठौर जाति मोगिया उम्र 26 साल निवासी बडीछोड थाना कानवन, जिला धार, जीवन पिता गोपाल भाटी जाति मोगिया उम्र 19 साल निवासी कठोडिया बडा थाना बदनावर, जिला धार, लखन पिता भगवानसिहं चौहान जाति मोगिया उम्र 20 साल निवासी पढुनिया थाना बदनावर, जिला धार।
जब्त की गई सामग्री
दो टीवीएस मोटल सायकल व एक हीरो एचएफ डीलक्स मोटर सायकल व लकडी डंडे ,लोहे का पाईप व एक धारदार तलवार कीमत करीबन 70000 रुपए।
इनसे था पुराना विवाद
ग्राम नायन के ही भूरा उर्फ नरेन्द्र सिंह व उसके भतीजे अर्जुन सोलंकी से पुराने विवाद के चलते बदले की नियत से भूरा सोलंकी के नायन बडोदिया रोड पर स्थित प्रिंस ढाबा पर गए। जहाँ पर खाना बनाने का काम करने वाले महेश परमार के साथ गाली गलौच कर मारपीट की व उसके धमकाया। उसके बाद जितेन्द्र मोगिया व राहुल मोगिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर ढाबे में तोडफोड कर नुकसान किया। ढाबा को जलाने की नीयत से पैट्रोल डालकर आग लगा दी। फरियादी महेश परमार द्वारा घटना की रिपोर्ट करने पर थाना नामली पर अप क्र 359/2025 धारा 296,115(2),351(3), 324(4), 326(जी), 191(2), 191(3), 331(5) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

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