खबर पक्की, 21 अगस्त, रतलाम। राजीव गांधी सिविक सेंटर में अवैध रूप से झोपड़ी व तबेले बनाकर रह रहे घुमक्कड़ जाति के लोगों का अतिक्रमण नगर निगम ने हटाया। तीन झोपडिय़ों पर जेसीबी चलाकर जमीदोंज कर दिया। पशुओं को जब्ती में लेकर गोशाला छोड़ दिया।
बारिश के बीच कार्रवाई करने पर घुम्मड़ जाति के लोग विरोध करने लगे। अधिकारी 4 दिन का समय देकर अधूरी कार्रवाई कर लौट गए।
नगर निगम का अमला तबेले व अवैध झोपडिय़ां हटाने को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ पहुंचा। बड़ी संख्या में पुलिस बल को पूरी तैयार के साथ तैनात किया। एसडीएम आर्ची हरित, नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया शहर के सभी थाना प्रभारियों व पुलिस बल व आंसू गैस से लेस पुलिसकर्मियों के साथ तैनात रहे।
काफी देर तक चलता रहा हंगामा
अतिक्रमण हटाने को लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। घुम्मकड़ जाति के लोग शोर मचाने लगे। निगम अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में अवैध रूप से 6 झोपड़ी व तबेले बना रखे थे। पूर्व में इन्हें हटाने का नोटिस दिया था। लेकिन नहीं हटे। जबकि इनके पास पूर्व में मकान भी है जहां नहीं रहते है।
एक-दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी
विरोध के बाद पूरा अमला बैकफुट पर आ गया। कार्रवाई अधूरी छोड़ लौटने लगे। कार्रवाई को लेकर अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने लगे। नगर निगम कमिश्नर भाना से जानना चाहा तो कहने लगे एसडीएम से जानकारी लीजिए। एसडीएम आर्ची हरित से सवाल किया तो कहा कि यह तो निगम की कार्रवाई है। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर भी कुछ बोलने से इनकार करते रहे।
बाद में बोले कमिश्नर अवैध रूप से रह रहे
मीडिया के दबाव के बाद निगम कमिश्नर अनिल भाना ने कहा सिविक सेंटर की शासकीय भूमि होकर नगर निगम की है। हर बार इन लोगों को हटाया जाता है। नए लोग आ जाते है। कुछ पुराने लोग आते है। पिछली बार भी हटाया था। बिरियाखेड़ी में इन्हें जमीन दे रखी है।
वहां पर कुछ लोगों ने अपने मकान बना लिए है। इसके बावजूद यहां आकर फिर झोपड़ी व तबेले बनाकर रह रहे है। हमने तबेले हटाए है। बारिश का मौसम होने व छोटे बच्चे होने के कारण 4 दिन का समय दिया है।
पशुओं को सड़क पर छोड़ देते है
कमिश्नर का कहना था कि जिस भूमि से अतिक्रमण हटाने आए है वह सर्वे क्रमांक 130 व 131 है। कुछ जमीन हमने छोड़ी है। जिस पर निगम व निजी व्यक्ति का विवाद है। यह शासकीय भूमि होकर खुली है। शहर के बीच में होकर पॉश इलाका है। यह लोग अपने पशुओं का दूध निकाल कर मंडी व सड़कों पर छोड़ देते है।
इन्हें समझाया है यहां तबेले का धंधा नहीं करे। इसके अलावा अन्य गतिविधियां भी यहां चलती है जिनका इनपुट समय-समय पर आता है। हमने इन्हें यह भी बताया कि 6 प्लाट 15 बाय 20 साइज के देंगे। पहले भी इन्हें जमीन दी थी कई लोगों के मकान पहले से है। अब जांच कर देंगे। इन्हें हटाने के पहले हमने रैन बसेरा में शिफ्ट करने की योजना बना रखी थी।
एसडीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर आए
एसडीएम आर्ची हरित का कहना था कि कार्रवाई नगर निगम ने की है। लॉ एंड ऑर्डर को लेकर हम यहां आए है।
बजरंग दल ने दिया था अल्टीमेटम
16 अगस्त को शहर के अमृत सागर तालाब के सामने कचरे में गाय का बछड़ा मृत अवस्था में मिला था। तब हिंदू संगठनों व विहिप के गो-रक्षा पदाधिकारियों ने विरोध जताया था। बाजना बस स्टैंड पर मृत बछड़े का शव रख जाम लगाया था। जब निगम के अधिकारी नहीं आए तो पैदल ही नगर निगम के लिए निकल गए थे। तभी रास्ते में लक्कड़पीठा में कमिश्नर अनिल भाना व अन्य अधिकारी पहुंचे थे।
हिंदू संगठनों ने राजीव गांधी सिविक सेंटर व शहर में चल रहे अवैध रूप तबेले व अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि इस क्षेत्र की जमीन का विवाद भी चल रहा है। लोकायुक्त में भी नगर निगम के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है।
अवैध झोपडिय़ों व तबेले पर चली जेसीबी, अधूरी कार्रवाई कर लौटा अमला, अधिकारी एक-दूसरे पर डालते रहे जिम्मेदारी
