• Tue. Aug 25th, 2026

पति की आंख में मिर्ची झोंककर धोखाधडीपूर्वक रूपए एवं जेवर ले जाने वाली दुल्हन को तीन वर्ष की सजा

BySurendra Jain

Jul 28, 2025

खबर पक्की, 28 जुलाई, रतलाम। न्यायालय ने फर्जी शादी कर पति की आंख में मिर्ची झोंककर जेवर व रुपये लेकर भागने के मामले में आरोपी (दुल्हन) 29 वर्षीय मोना पारिक पिता रामचन्द्र पारिक निवासी इंदौर को भादंवि की धारा 420 में 3 वर्ष के कारावास की सजा तथा पांच हजार रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। फैसला सोमवार को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट आंकाक्षा गुप्ता ने सुनाया।
सहायक निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार ने बताया कि फरियादी मुकेश निवासी ग्राम काकरा, जिला प्रतापगढ़ की शादी नहीं होने से आरोपी कचरु राठौड़ निवासी ग्राम नगरा, ओमप्रकाश निवासी रतलाम व हसीना बी निवासी रतलाम ने मुकेश को अपने जाल में फंसा कर अपनी जान पहचान वाली अच्छी लडकी से शादी कराने का भरोसा दिया था। इसके बाद 5 अप्रैल 2016 को आरोपीयो ने मुकेश की शादी मोना पारिक निवासी इंदौर से करवाई थी। मुकेश 17 अप्रैल 2016 को मोना पारिक को बाइक पर बैठाकर इंदौर जाने के लिये अपनी मौसी कलाबाई टांक निवासी दीनदयालनगर रतलाम के घर ले जा रहा था। तभी रास्ते मे दीनदयालनगर क्षेत्र में मोना पारिक ने मुकेश की आँखो मे मिर्ची पावडर डाल दिया था तथा तथा करीब एक लाख रुपये के जेवर व करीब दो लाख रुपये नगद लेकर भाग गई थी।
इसके बाद मुकेश ने आरोपी कचरु , ओमप्रकाश, हसीना बी तथा मोना पारिक व उसके भाई राजेश पारिक की तलाश की लेकिन वे नही मिले। इस पर मुकेश ने पुलिस में शिकायत की थी। दीनदयाल नगर थाना पुलिस ने प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ फर्जी शादी करवाकर रुपये ठगने तथा धोखाधडी का प्रकरण धारा 420 में दर्ज किया गया था। जांच के दौरान प्रकरण में शीला के भी शामिल होने के तथ्य आये थे, इस पर शीला को भी आरोपी बनाया गया था। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया था।
न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर मुख्य आरोपी मोना पारिक को दोषी पाकर सजा सुनाई। वहीं शीला के खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं होने पर उसे दोषमुक्त किया गया। प्रकरण में शासन की ओर पैरवी विशेष लोक अभियोजक कृष्णकांत चौहान ने की। चौहान ने बताया कि आरोपी कचरू की मृत्यु हो चुकी है तथा ओमप्रकाश, हसीना बी एवं राजेश प्रकरण में फरार चल रहे है।

error: Content is protected !!