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रतलाम जिले की भौगोलिक परिस्थितियों एवं जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक ईकाईयों के दक्षीय संवर्धन के लिए होगें प्रशासनिक पुनर्गठन, मध्यप्रदेश प्रशासनिक ईकाई पुनर्गठन आयोग की बैठक में आयोग ने जिले के संबंध में अधिकारियों से मांगे सुझाव

BySurendra Jain

Jul 23, 2025

खबर पक्की, 23 जुलाई, रतलाम। जिले की भौगोलिक परिस्थितियों एवं आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप शासकीय सेवाएं सुलभ तरीके से जनता तक पहुंचाने के लिए जिले में कार्यरत प्रशासनिक ईकाईयां के दक्षीय संवर्धन के लिए समय के अनुरूप प्रशासकीय बदलाव की आवश्यकता है। वर्तमान में शासकीय सेवाएं डीजिटल माध्यम से आमजन तक पहुंचाई जा रही है। वर्तमान आवश्यकता के अनुसार जिले में आवागमन, प्रशासनिक सुविधा, संसाधन, बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं एवं आपातकाल बाढ़, दुर्घटना के समय कुशलता से काम करने के लिए प्रशासनिक ईकाईयों को मजबूत करने के उद्देश्य से भौगोलिक/प्रशासनिक युक्तियुक्तकरण/विलोपन/सृजन के लिए सुझाव आमंत्रित करने के लिए आज 23 जुलाई को मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में रतलाम जिले में वर्तमान परिस्थितियों एवं भविष्य में होने वाले बदलाव को मद्देनजर रखते हुए भौगोलिक एवं प्रशासनिक बदलाव पर अधिकारियों से चर्चा की गई। बैठक आयोग के अध्यक्ष श्री एस एन मिश्रा सेवानिवृत्त आईएएस, सदस्य सचिव अक्षय सिंह सेवानिवृत्त आईएएस, श्री मुकेश शुक्ला सेवानिवृत्त आईएएस की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री राजेश बाथम, पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार, एडीएम डॉ शालिनी श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत श्री श्रृंगार श्रीवास्तव, एसडीएम शहर एवं प्रभारी आयुक्त नगर निगम रतलाम श्री अनिल भाना सहित जिला प्रमुख उपस्थित रहे।
अध्यक्ष श्री मिश्रा ने बैठक में आयोग के कार्या के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शासन और प्रशासन जनता को केन्द्रित करते हुए आमजन की सुविधा के लिए काम करते है, वर्तमान में काम का स्वरूप बदला है। जनता की अपेक्षाएं भी बढ़ी है। शासन की अपेक्षा है कि वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप जनोमुखी और सुलभ प्रशासन के लिए प्रशासनिक ईकाईयों का पुनर्गठन किया जाए। प्रशासनिक ईकाईयों का वर्तमान एवं भविष्य की जनसंख्या की आवश्यकता के अनुसार जिला, ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर पुनर्गठन युक्तियुक्तकरण किए जाने एवं प्रशासनिक आवश्यकता के लिए सुझाव लेने के लिए यह बैठक आयोजित की गई है। भविष्य में जनसंख्या के आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, खाद्य, रोजगार की आवश्यकताओं के लिए विजन 2047 के अनुसार जिला अनुविभाग, तहसील की सीमाएं युक्तियुक्तकरण/विलोपन/सृजन किया जाना है। सदस्य सचिव श्री अक्षय सिंह ने कहा कि सभी विभाग प्रमुख अपने विभाग के कार्यो की आवश्यकता के अनुसार जिले एवं विधानसभा की सीमा बदले बिना ब्लॉक तहसील की भौगोलिक एवं प्रशासनिक पदों/ईकाईयों में बदलाव के लिए अपने सुझाव दें।
आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला ने आयोग की कार्य प्रणाली के बारे में पावर पाईंट के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला, उपखण्ड, तहसील की सीमाओं में परिवर्तन की कार्यवाही भौगोलिक परिस्थितियों एवं जनआकांक्षओं के अनुरूप तथ्यात्मक आधार पर की जाएगी। आने वाले समय में विभागों की कार्य प्रणाली में परिवर्तन विस्तार के अनुसार प्रशासनिक अमले की आवश्यकता होगी। अप्रसांगिक पदों एवं नए स्वरूप अनुसार पदीय संरचना युक्तियुक्तकरण/विलोपन/सृजन के लिए आप अपने सुझाव आयोग के निर्धारित फार्मेट में कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध करवाएं।
बैठक में कलेक्टर श्री राजेश बाथम ने जिले की भौगोलिक एवं सामान्य जानकारी से आयोग के सदस्यों के अवगत कराते हुए जिले में उत्पादित होने वाली प्रमुख फसलों, प्रमुख उद्योग, रतलाम शहर की पहचान रतलामी नमकीन, कैक्टस गार्डन, गराडू, रियावन लहसुन, जिले के स्वर्ण व्यापार की प्रसिद्धि एवं जिले के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी दी। जिले में आगमन पर आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों का कलेक्टर श्री राजेश बाथम, सीईओ जिला पंचायत श्री श्रृंगार श्रीवास्तव एवं आयुक्त नगर निगम श्री अनिल भाना ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक के अंत में एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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