खबर पक्की, 23 जुलाई,रतलाम। रतलाम में जनजाति विकास विभाग के आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास में एबीवीपी कार्यकर्ता और छात्राओं ने वार्डन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। खराब खाना मिलने, वार्डन का व्यवहार ठीक न होने की बात छात्राओं ने बताई। साथ ही कहा कि वार्डन उन्हें पर्दे में रहने की बात कहती हैं।
विरोध प्रदर्शन काफी देर तक हंगामा हुआ। वार्डन आईं तो छात्राओं से उसकी बहस भी हुई। मामला बुधवार का है। वार्डन को हटाने की मांग की गई है।
सागोद रोड स्थित छात्रावास की कक्षा 10 से 12वीं की छात्राएं मंगलवार को स्कूल नहीं जाते हुए स्कूल बैग टांगे व हाथों में कच्ची दाल लेकर जनसुनवाई में पहुंची थी। समस्या बताते हुए एक छात्रा रोने लगी थी। एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव के समक्ष होस्टल की समस्याओं को रखा था।
इसके बाद एडीएम ने जांच कमेटी बनाकर अधिकारियों को हॉस्टल भेजा था। एडीएम भी खुद हॉस्टल पहुंच कर छात्राओं से चर्चा की थी। आपसी समन्वय बैठाकर अधिकारी लौट गए थे।
पर्दे वाली बात पर बहस
लड़कियों को पर्दे में रहने वाली बात पर जब अभाविप के पदाधिकारियों ने वार्डन से जवाब मांगा तो उन्होंने कह दिया कि क्या बच्चियों को आपके आगे परोस दूं। इस बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विरोध कर रही छात्राओं से वार्डन ने यहां तक कहां कि अगर मुझे कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी आप सबकी होगी। इसके बाद वार्डन कार्यालय से बाहर निकल गई।
बाद में जनजाति विकास विभाग की सहायक आयुक्त रंजनासिंह व थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी गायत्री सोनी आई। छात्राओं से बात की। उन्होंने समझाया। अभाविप ने तीन दिन में वार्डन को नहीं हटाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
वार्डन को हटाने की मांग के लिए पहुंचे
बुधवार शाम 5 बजे छात्राएं कुछ छात्राएं हॉस्टल से तो कुछ सीधे स्कूल से सागोद रोड स्थित जनजाति विकास विभाग कार्यालय पहुंच गई। इस दौरान अभाविप के पदाधिकारी भी पहुंचे। छात्राओं के साथ कार्यालय में बैठकर जमकर नारेबाजी की। वार्डन को हटाने की मांग करने लगे।
बहसबाजी के बाद वार्डन कार्यालय से बाहर निकल गई। इसके बाद सहायक आयुक्त रंजनासिंह आई। छात्राओं से बात की। कुछ देर में थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी गायत्री सोनी आई। छात्राओं से बात की। वार्डन को भी बुलाया।
थाना प्रभारी सोनी ने छात्राओं से बात की। कहा कि यह अच्छी बात है कि आप अपनी बात रख रही है। आप अपने स्टेटमेंट दीजिए। ताकि आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा सके। इसके बाद सभी माने।
छात्रा बोली हमें कुछ होगा तो उसका जिम्मेदार कौन
छात्रा सीमा मचारे ने कहा कि होस्टल में सुविधा नहीं है। एडीएम मेम ने हमारी समस्या सुनी। निरीक्षण के लिए आए तो कहा कि ज्यादा सुविधा चाहिए तो फाइव स्टार होटल में रहो। बिना नमक की दाल मिले तो चुपचाप खा लेना।
आज हम विरोध करने आए तो मैडम (वार्डन) हमें कहते है कि तुम मेरे प्रति इतना विरोध कर रहे हो तो मैं चली जाउंगी। लेकिन मुझे कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार तुम सब होंगे। यहां इतनी सारी लड़कियां बैठी है उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है। अगर इन सबको कुछ होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।
सीमा मुनिया ने कहा हमें खाना ठीक से नहीं मिलता। मैडम का व्यवहार अच्छा नहीं रहता है। मैडम कहती है लड़कियां पर्दे में अच्छी रहती है। नहीं तो तुम सड़कों पर उतर जाओगी। हम मैडम को संस्पेंड कराना चाहते है।
मैडम में अच्छे शब्दों का प्रयोग नहीं किया- अभाविप
अभाविप के जिला संयोजक सत्यम दवे ने कहा कि हम छात्राओं की समस्याओं के लेकर ज्ञापन देने आए थे। लेकिन वार्डन में छात्राओं को डराया-धमकाया। छात्रावास में जाने को लेकर प्रेशर बनाया। पर्दे में रहने की बात को लेकर हमने विरोध किया।
उन्हें कहा कि आप वार्डन हो मां समान हो तब मैडम का कहना था कि पर्दे में नहीं रहेगी तो क्या सड़क पर उतरेगी, क्या आपके सामने परोस देंगे। ऐसे शब्दों का प्रयोग किया है। तीन दिन में मैडम सस्पेंड नहीं होती है तो जिलेभर के अभाविप पदाधिकारी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
वार्डन बोली मेरे खिलाफ साजिश है
वार्डन सुगना मईडा ने कहा जबरन परेशान किया जा रहा है मैं चुपचाप 6 बजे आई। बच्चों का चाय से लेकर नाश्ता हुआ। बच्चे कीड़े वाली बात कर रहे है अगर एक भी बच्चा मेरे सामने समस्या लेकर आता तो मैं शिकायत को मानती। बाई का कहना है कि लहसुन मिर्ची पीसती है तो उसका छिलका था। यह मेरे खिलाफ साजिश है।
मुझे कुछ भी हो सकता है मैं शुगर की मरीज हूं। तीन दिन से मुझे प्रताडि़त किया जा रहा है। बिना परमीशन के एबीवीपी के लड़के छात्रावास में घुस गए। हमारे बच्चे कैसे रहेंगे यह हमें सीखाना पड़ेगा कि बाहर जाते है तो चुन्नी कैसे डालकर जाना है यह बात कही थी। कोई घुंघट लेने को नहीं किया। जो भी आरोप लगा रहे वह निराधार है।
मैं जांच टीम में नहीं थी- सहायक आयुक्त
आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त रंजनासिंह ने कहा कि छात्राएं मंगलवार को एडीएम मैडम से मिली थी। उन्होंने टीम बनाकर अधिकारियों को भेजा था। जांच उन्हीं की टीम ने की है। मैं उसमें शामिल नहीं थी। छात्राओं का कहना था कि वार्डन को हटाया जाए। कलेक्टर से निवेदन करेंगे कि जांच कमेटी बनाकर जांच कराई जाए। मेरे आने के पहले वार्डन व छात्राओं के बीच क्या बातचीत हुई इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
वार्डन को हटाने हॉस्टल में बैठे स्टूडेंट्स, नारेबाजी की
