खबर पक्की, 28 मार्च, रतलाम। अस्पताल में समय नहीं हुआ कहकर गर्भवती महिला को दो बार वापस भेज दिया गया, लेकिन जब दर्द असहनीय हुआ, तो पति ने ठेलागाड़ी में लिटाकर पत्नी को अस्पताल ले जाने की कोशिश की। रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात की मौत हो गई।
मानवता को शर्मसार करने वाला यह मामला रतलाम के सैलाना से सामने आया है। घटना 23 मार्च की है, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सैलाना के कालिका माता मंदिर रोड निवासी कृष्णा ग्वाला अपनी पत्नी नीतू को लेकर सुबह 9 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। ड्यूटी पर मौजूद नर्स चेतना चारेल ने कह दिया कि अभी डिलीवरी में दो-तीन दिन का समय है और उसे घर वापस भेज दिया।
रात 1 बजे नीतू को फिर से तेज दर्द हुआ, तो पति उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचा। इस बार ड्यूटी पर नर्स गायत्री पाटीदार थी। उसने जांच के बाद कहा कि अभी 15 घंटे और लगेंगे, इसलिए महिला को भर्ती करने से मना कर दिया। फिर से पति को पत्नी को घर ले जाना पड़ा।
ठेलागाड़ी पर डिलीवरी, नवजात की मौत
करीब एक घंटे बाद दर्द इतना बढ़ गया कि कृष्णा ने अपनी पत्नी को ठेलागाड़ी में लिटाया और अस्पताल की ओर चल पड़ा। लेकिन रास्ते में ही डिलीवरी हो गई और नवजात की मौत हो गई। रात 3 बजे जब वह दोबारा अस्पताल पहुंचा, तब बच्चे के पैर बाहर थे और सिर अंदर। ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने किसी तरह डिलीवरी करवाई, लेकिन बच्चा मरा हुआ निकला।
एसडीएम से शिकायत, जांच के आदेश
कृष्णा ग्वाला ने अस्पताल प्रबंधन को बच्चे की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए एसडीएम मनीष जैन को शिकायत दी। एसडीएम ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पति अपनी पत्नी को ठेलागाड़ी में अस्पताल ले जाता दिख रहा है। मामले ने स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है।
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