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अधिवक्ता संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन के साथ ही ज्ञापन जिलाधीश को सौंपा

BySurendra Jain

Feb 21, 2025

खबर पक्की, 21 फरवरी, रतलाम। जिला अभिभाषक संघ रतलाम ने विधि मंत्रालय केंद्र शासन द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन के साथ ही ज्ञापन जिलाधीश कार्यालय पर दिया।
संघ अध्यक्ष राजीव ऊबी ने ज्ञापन का वाचन करते हुए बताया कि भारत सरकार के विधि मंत्रालय द्वारा अधिवक्ता संशोधन 2025 के रूप में अधिवक्ताओं के हितों के विरुद्ध प्रावधान किए हैं, जिनमें अधिवक्ताओं के द्वारा न्यायालय उचित आधार पर भी बहिष्कार और हड़तालों पर रोक लगाने का प्रावधान, अधिवक्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्यवाही और निलंबन का प्रावधान, बार काउंसिल आफ इंडिया की स्वायत्तता पर हमला करते हुए केंद्र सरकार द्वारा नामित सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान, विदेशी कानूनी फर्मों के द्वारा भारत में विधि व्यवसाय की अनुमति, अधिवक्ताओं पर मुआवजा देने की जिम्मेदारीअधिवक्ताओं पर जुर्माना जो की 3.,00000 तक हो सकेगा का प्रावधान, पक्षकार द्वारा अधिवक्ताओं की झूठी शिकायत किए जाने पर अधिवक्ताओं को कोई सुरक्षा नहीं, अधिवक्ताओं को तुरंत निलंबित करने का प्रावधान, पक्षकार द्वारा प्रतुत किए गए दस्तावेज यदि किसी कारण से फर्जी पाए जाते हैं तो पक्षकार के साथ-साथ अधिवक्ताओं पर कार्यवाही करने का प्रावधान के साथ ही अन्य प्रमुख ऐसी बातो को समावेश किया गया है जो कि अधिवक्ता विरोधी होकर व्यवसाय को करने से रोकने जैसा प्रतीत होता है उक्त प्रावधानों के द्वारा अधिवक्ताओं के सारे अधिकार छीन विधि अनुरूप पक्षकार का पक्ष रखने के अधिकार से अधिवक्ताओं को वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है जिसका अभिभाषक संघ रतलाम भारत के सभी अभिभाषक संघ के साथ कार्य से विरत रहते हुए अधिकारों के हनन के प्रयास के विरुद्ध उक्त कानून वापस लेने के लिये ज्ञापन देने के लिए उपस्थित हुए ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी रतलाम श्री अनिल भामा को दिया गया इस अवसर पर संघ अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष पंकज कटकानी, श्रवण कुमार बोयत, उदय चंद कसेडिया, वरिष्ठ अभिभाषक सुनील पारिख पूर्व अध्यक्ष अभय शर्मा, पूर्व अध्यक्ष सुनील लखोटिया, विमल छिपानी, सुनील जैन, शाहिद खान, अमृत व्यास, पंकज बिलाला, नरेंद्र सिंह चौहान, सुनीता छाजेड़, कल्पना काले, हेमा निरंजनी, योगेश अधिकारी, ओम प्रकाश बोरसिया, सहित अभिभाषकगण मौजूद थे।

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