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मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शून्य कर स्लैब 2.5 लाख से 12 लाख किया – कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप, केंद्रीय बजट पर पत्रकार वार्ता का आयोजन, विकसित भारत के साथ आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना

BySurendra Jain

Feb 15, 2025

खबर पक्की, 15 फरवरी, रतलाम। भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को केंद्रीय बजट पर पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने बजट के मुख्य प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि इस बजट में विकसित भारत के साथ आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शून्य कर स्लैब को बढ़ाकर 2.5 लाख से 12 लाख किया है, जिससे मध्यम वर्ग को अपूर्व लाभ होगा। सरकार का बजट हर वर्ग की बचत और आय बढ़ाने वाला है। पत्रकारवार्ता के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, महापौर प्रहलाद पटेल, जिला महामंत्री निर्मल कटारिया, बजट कार्यक्रम प्रभारी जयवंत कोठारी, जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी एवं सहप्रभारी निलेश बाफना उपस्थित रहे।
मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि मध्यम वर्ग के लिए वर्ष 2014 में आय पर शून्य कर स्लैब ढाई लाख रुपये था, जो 2019 में 5 लाख और 2023 में 7 लाख किया गया। इस वर्ष के बजट में इसे 12 लाख कर दिया गया है। इससे मध्यम वर्ग को अपने दायित्व निभाने में काफी मदद मिल जाएगी। सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य के लिए मध्यम वर्ग को सर्वाधिक महत्व दिया है। आयकर स्लैब के अलावा कई अन्य बजट प्रावधान भी इस वर्ग के विकास को प्रशस्त करने वाले है। उन्होने बताया कि पिछले सप्ताह ही लोकसभा में नया आयकर अधिनियम भी पेश किया गया है। उसमें कई धाराओं को बदल गया है और इसका सरलीकरण किया गया है।
श्री काश्यप ने कहा कि पूरी दुनिया के अंदर अर्थव्यवस्था में कमजोरी पर आ रही है, लेकिन हम 7 प्रतिशत से ज्यादा ग्रोथ रेट से आगे बढ़ रहे है और इस ग्रोथ रेट में बहुत सबसे बड़ा योगदान एमएसएमई का है। इसे बढ़ावा देने के लिए ढाई करोड़ तक के उद्योगों को अब सूक्ष्म माना जाएगा, जबकि पहले इसकी एक करोड़ तक की सीमा थी। इसी प्रकार 10 करोड़ तक लघु माने जाने वाले उद्योगों को 25 करोड़ किया गया है और 10 से 50 करोड़ तक के जो मध्यम उद्योग कहलाते थे, उन्हे 125 करोड़ तक कर दिया गया है।
श्री काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौभाग्य से मध्यप्रदेश में उन्हे एमएसएमई विभाग की जिम्मेदारी दी है। विभाग कई दूर दृष्टि वाले कार्य कर रहा है। इसके तहत छोटे व्यापारी जो एमएसएमई का रजिस्टर्ड रहेगा उनको 5 लाख तक का एक कार्ड दिया जाएगा। यह जो कार्ड बजट में आया है इसका बहुत बड़ा क्रांतिकारी परिवर्तन लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए रहेगा। कृषि की दृष्टि से किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से 5 लाख रुपए कर दी गई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कैंसर की 35 दवाइयां से आयात शुल्क हटा दिया गया है। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए इस वर्ष 10000 सीटे बढ़ाई जा रही है, और आने वाले 5 साल में यह संख्या एक लाख से दो लाख करने का लक्ष्य रखा है।
श्री काश्यप ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का चिंतन रहा है कि जो भी विकास हो स्थाई हो और अनुदान आधारित नहीं हो। केंद्र का बजट इसी चिंतन का प्रतीक है, जो विकसित भारत के स्वप्न को पूर्ण करने में कारगर रहेगा। बजट के माध्यम से मोदी जी ने चार मंत्र दिए हैं कि गरीब, किसान, महिला और युवा यही चार जातियां हैं और इन चारों पर फोकस करके कार्य किया जाएगा।

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