खबर पक्की, 10 फरवरी, रतलाम। सैलाना के एक गांव में 19 दिन पहले खेत के किनारे मिले क्षत-विक्षत दो भ्रूण का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में सामने आया है कि गांव की ही एक महिला ने खेत के किनारे भ्रूण को लाल कपड़े में लपेट कर छोड़ा था। महिला मजदूरी के लिए राजस्थान के जोधपुर गई थी। जहां उसके साथ रेप हुआ। प्रेग्नेंट होने पर वह गांव लौट आई। उसने डर के कारण किसी को यह बात नहीं बताई। गर्भपात होने पर महिला के शरीर से भ्रूण को निकाला गया था।
सैलाना थाना पुलिस के अनुसार 21 जनवरी को एक गांव में दो भ्रूण मिले थे। जांच में पता चला था कि 6 माह का भ्रूण जुड़वा है। पंचनामा बनाकर भ्रूण को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था। इसके बाद भ्रूण को मेडिकल कॉलेज रतलाम भेजा गया। तब से पुलिस गर्भपात के एंगल से जांच में जुटी थी और भ्रूण को फेंकने वाले की तलाश कर रही थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गांव की ही एक महिला ने भ्रूण को फेंका था। महिला की 15 साल पहले शादी हुई थी। महिला के दो लड़के और दो लड़कियां है। महिला के पति ने दूसरी शादी कर ली और पहली पत्नी को बिना तलाक दिए छोड़ दिया। इसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर राजस्थान के जोधपुर मजदूरी के लिए चली गई और वहां किराये का मकान लेकर रहने लगी। वहीं पर भूरालाल गामड़ (निवासी दौलतपुरा, जोधपुर) भी मजदूरी कर रहा था। उसने महिला के साथ तीन से चार बार रेप किया। जिससे वह गर्भवती हो गई।
बदनामी के डर के कारण महिला ने किसी को कुछ नहीं बताया। कुछ समय बाद वो वापस अपने गांव आ गई, तब महिला गर्भवती थी। एक दिन पेट में अचानक दर्द होने पर महिला का गर्भपात हो गया। इसके बाद महिला ने शरीर से निकले भ्रूण डर के कारण एक कपड़े में लपेट कर खेत में फेंक दिए थे।
सैलाना थाना के एसआई हितेंद्रसिंह परमार ने बताया कि रविवार देर रात महिला की रिपोर्ट पर भूरालाल पिता गुड्डा गामड़ निवासी दौलतपुरा (जोधपुर) के खिलाफ शून्य पर केस दर्ज कर प्रकरण जोधपुर भेजा जाएगा।
