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पुराने राजस्व अभिलेख अब एक ही स्थान पर होंगे संकलित, नवीन जिला अभिलेखागार में सुरक्षित संरक्षण, व्यवस्थित संधारण और त्वरित उपलब्धता की होगी व्यवस्था

BySurendra Jain

Sep 3, 2026

खबर पक्की, 3 सितंबर, रतलाम। जिले के विभिन्न कार्यालयों एवं भवनों में अलग-अलग स्थानों पर रखे महत्वपूर्ण एवं मूल राजस्व अभिलेखों को अब एक ही स्थान पर सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संधारित किया जाएगा। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने पुराने कलेक्ट्रेट, पुराने तहसील कार्यालय रतलाम, नजूल कार्यालय सहित अन्य स्थानों पर रखे जिला स्तरीय महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों को कलेक्ट्रेट भवन की प्रथम मंजिल पर निर्धारित नवीन जिला अभिलेखागार में संकलित एवं स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पुराने एवं महत्वपूर्ण अभिलेखों को सुरक्षित रखना, उनके बिखरे हुए भंडारण को समाप्त करना तथा आवश्यकता पडऩे पर संबंधित रिकॉर्ड को शीघ्र उपलब्ध कराना है। प्रथम चरण में मिसल बंदोबस्त, अधिकार अभिलेख, नामांतरण पंजियां, मूल राजस्व नक्शे एवं मूल नजूल अभिलेख को जिला अभिलेखागार में स्थानांतरित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक अभिलेख भी होंगे सुरक्षित
स्थानांतरण की प्रक्रिया के दौरान यदि कोई अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण, स्थायी प्रकृति का अथवा ऐतिहासिक राजस्व अभिलेख प्राप्त होता है, तो प्रभारी अधिकारी के अनुमोदन से उसे भी जिला अभिलेखागार में सुरक्षित रखा जा सकेगा। पुराने, क्षतिग्रस्त एवं जीर्ण-शीर्ण नक्शों तथा अभिलेखों को अलग से चिन्हित कर उनके संरक्षण के लिए आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
वैशाली जैन को मिली जिला अभिलेखागार व्यवस्थापन की जिम्मेदारी
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने पूरे जिले के लिए अपर कलेक्टर वैशाली जैन को जिला अभिलेखागार व्यवस्थापन अधिकारी नियुक्त किया है। उनके निर्देशन में संबंधित शाखाओं, तहसील कार्यालयों, नजूल शाखा एवं भू-अभिलेख शाखा के बीच समन्वय स्थापित कर अभिलेखों की पहचान, सूचीकरण, सत्यापन, स्थानांतरण एवं नवीन रिकॉर्ड रूम में व्यवस्थित संधारण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रभारी अधिकारी को कार्य के समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए आवश्यकता अनुसार संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने, कार्य-विभाजन करने, अलग-अलग दल गठित करने तथा आवश्यक निर्देश जारी करने का अधिकार दिया गया है। संबंधित शाखाओं एवं कार्यालयों को आवश्यक अभिलेख, सूची, मानव संसाधन, वाहन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए जा सकेंगे।
तहसीलदार, नजूल और भू-अभिलेख शाखा की भी जिम्मेदारी
अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, प्रभारी अधिकारी नजूल तथा संबंधित शाखा प्रभारी अपने-अपने नियंत्रण में उपलब्ध अभिलेखों की पूर्ण सूची तैयार कर जिला अभिलेखागार व्यवस्थापन अधिकारी वैशाली जैन को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही स्थानांतरण की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कर्मचारी एवं संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक अभिलेख का नाम अथवा प्रकार, वर्ष या अवधि, तहसील, ग्राम, हल्का, बस्ता/बंडल/रजिस्टर संख्या, कुल पृष्ठ अथवा नक्शों की संख्या और अभिलेख की भौतिक स्थिति का विवरण तैयार किया जाएगा। प्रत्येक बस्ता, बंडल एवं रजिस्टर को क्रमांकित कर हस्तांतरण सूची बनाई जाएगी। अभिलेख देने और प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारी दोनों के हस्ताक्षर के बाद ही रिकॉर्ड स्थानांतरित किया जाएगा।
मास्टर इंडेक्स से तत्काल मिल सकेगा रिकॉर्ड
नवीन जिला अभिलेखागार में अभिलेखों को उनके प्रकार, तहसील, वर्ष एवं ग्रामवार वैज्ञानिक एवं क्रमबद्ध पद्धति से रखा जाएगा। प्रत्येक रैक एवं अलमारी को स्पष्ट क्रमांक और विवरण दिया जाएगा। इसके साथ ही मास्टर इंडेक्स तैयार किया जाएगा, जिससे किसी भी अभिलेख की स्थिति तत्काल पता चल सकेगी।
स्थानांतरण के बाद किसी भी मूल अभिलेख को सक्षम अधिकारी की अनुमति तथा मूवमेंट रजिस्टर में प्रविष्टि किए बिना अभिलेखागार से बाहर नहीं निकाला जा सकेगा। अभिलेख प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारी का नाम, अभिलेख लेने का प्रयोजन, निर्गमन दिनांक और वापसी दिनांक अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। इस व्यवस्था से पुराने राजस्व रिकॉर्ड का सुरक्षित संरक्षण होने के साथ ही जरूरत के समय उन्हें आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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